- हरियाणा सरकार की ओर से करनाल में स्थापित किया गया है आरपीटीओ दृष्या
- आरपीटीओ के पास पहले से 12 ड्रोन उपलब्ध, पहला बैच 20 मई के बाद हो सकता है शुरू
- सबसे पहले हरियाणा के 500 किसान युवाओं को दिया जाना है ड्रोन पायलट प्रशिक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। हरियाणा सरकार की ओर से करनाल में स्थापित किए गए देश के पहले रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गेनाइजेशन (आरपीटीओ) के पास पहले से ही 12 ड्रोन हैं लेकिन आरपीटीओ 38 ड्रोन और खरीदेगा। इसके लिए टेंडर लगा दिया गया है। आरपीटीओ के पास अब कुल 50 ड्रोन हो जाएंगे। जिससे यहां एक साथ अधिक संख्या में बेरोजगार युवाओं को ड्रोन पायलट का प्रशिक्षण दिया जा सके।
हरियाणा सरकार ने ड्रोन इमेजिंग एंड इंफार्मेशन सर्विस ऑफ हरियाणा लिमिटेड (दृष्या) नाम की संस्था का गठन किया है। जिसके माध्यम से करनाल के फूसगढ़ स्थित सामुदायिक केंद्र में देश का पहला सरकारी आरपीटीओ शुरू किया है, हालांकि अब तक इस आरपीटीओ का पहला बैच शुरू नहीं किया गया है। क्योंकि हरियाणा सरकार ने शर्त रखी है कि इसमें सबसे पहले प्रदेश के 500 किसान युवाओं को ड्रोन पायलट ट्रेनिंग दी जाएगी। इसकी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने 13 जून तक इच्छुक किसान युवाओं से ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं। इसके बाद ही यहां पहला बैच शुरू हो पाएगा।
आरपीटीओ संस्था दृष्या के डिप्टी सीईओ फूल कुमार ने बताया कि आरपीटीओ में ड्रोन पायलट ट्रेनिंग की सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मौजूदा समय में आरपीटीओ में 12 ड्रोन उपलब्ध हैं। शेष 38 ड्रोन खरीदने के लिए टेंडर लगा दिया है। शीघ्र ही ये ड्रोन भी खरीद लिए जाएंगे। जिससे आरपीटीओ के पास कुल 50 ड्रोन हो जाएंगे। ट्रेनिंग शुरू करने की जहां तक बात है तो जैसे ही कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ओर से चयनित नामों की सूची प्राप्त हो जाएगी, वैसे ही ट्रेनिंग शुरू कर दी जाएगी। 13 जून तक तो विभाग ने आवेदन ही मांगे हैं, जिससे लगता है कि करीब 20 मई तक ही सूची उपलब्ध हो पाएगी।