संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला कैथल के प्रशासकीय सचिव विकास गुप्ता ने सोमवार को नगर परिषद परिसर का दौरा कर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने परिसर में बने कार्यालयों की शाखाओं में पहुंचकर जांच की। बाद में एसीएस ने नगर परिषद अध्यक्ष सुरभि गर्ग सहित पार्षदों के साथ बैठक की। इसमें पार्षदों ने पार्किंग और सिटी स्क्वेयर का काम पूरा न होने पर रोष जताया।
नाराज पार्षदों का कहना था कि पार्किंग का निर्माण न होने के कारण शहर में जाम की समस्या है। इसकी अनुमति मुख्यालय की ओर से नहीं दी जा रही है। वहीं, शहर के ड्रीम प्रोजेक्ट सिटी स्कवेयर का काम काफी ढीला होने पर अपना रोष भी जताया। इसमें संबंधित एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने की मांग की।
इस पर एसीएस विकास गुप्ता ने सिटी स्क्वेयर परियोजना के निर्माण पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग के मुख्यालय में फोन मिलाया और संबंधित अधिकारी को कैथल में सिटी स्क्वेयर निर्माण की स्थिति पर दौरा करने के निर्देश जारी किए।
जांच में खामियां मिलने पर लगाई फटकार
एसीएस विकास गुप्ता ने जांच के दौरान नगर परिषद भवन के परिसर में सफाई न मिलने पर अधिकारियों को फटकार लगाई। निरीक्षण के तहत सबसे पहले एसीएस ने प्रॉपर्टी टैक्स की शाखा का दौरा किया। यहां पर प्रॉपर्टी टैक्स को लेकर जानकारी ली। यहां पर परिसर में सफाई नहीं मिली। इस पर एसीएस ने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि भवन तो इतना अच्छा बना लिया, लेकिन इसकी सफाई नहीं की गई। अपने ही घर जैसे कार्यालय में सफाई को लेकर लापरवाही क्यों की जा रही है।
उन्होंने कहा कि बिल्डिंग तो अच्छी बना ली, लेकिन सफाई कहां है। ग्रेनाइट भी लगा लिया। ग्रेनाइट लगाने का क्या फायदा, जब इस पर सफाई ही नहीं है। इस एक्सईएन रवि ओबरॉय ने कहा कि वे सफाई को लेकर गंभीर हैं। इसके बाद एसीएस ने जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र की शाखा में पहुंचकर जानकारी ली। उन्होंने कर्मियों ने पूछा कि जो जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र बनने में देरी होती है तो क्या किया जाता है। इस पर बताया कि इसे आला अधिकारियों के पास आवेदन को भेज दिया था। इसी समय पार्षद सुशीला शर्मा ने एसीएस को शिकायत दी। उन्होंने कहा कि आप आए तो यहां पर प्रशासन है जबकि आम लोगों के लिए प्रशासन ही नहीं होता। पिछले कई सालों से सिटी स्क्वेयर बन रहा है। निर्माण में प्रयोग हो रहे सरियों पर जंग लग रहा है। इस पर पार्षद ने कहा कि शहर में सफाई व्यवस्था बदहाल है और अन्य कई समस्या भी शहर के लोगों को होती है। इस दौरान एसीएस के सामने पार्षद लाल पीले हो गए। उन्होंने शहर के कचरा उठान में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया और इसकी जांच करवाने की मांग की। इस पर एसीएस ने डीएमसी सुशील कुमार को समस्या का समाधान करने के लिए निर्देश जारी किए।