- केंद्र सरकार ने दोनों श्रेणियों के लिए नगर निगम करनाल के दस्तावेजों का किया अनुमोदन
- केंद्र से अनुमोदन प्राप्त करने वाला हरियाणा में पहला शहर बना करनाल
- केंद्रीय आवासन एवं शहरी मंत्री की टीम आकर मानकों के आधार पर परखेगी शहर की व्यवस्था
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्णनगरी ने अब ओडीएफ, एडीएफ-प्लस और ओडीएफ-प्लस प्लस के बाद वाटर प्लस श्रेणी और कचरा मुक्त शहर (गारबेज फ्री सिटी) के लिए थ्री स्टार रेटिंग प्राप्त के लिए अपना दावा ठोक दिया है। केंद्रीय आवासन एवं शहरी मंत्रालय ने इन दोनों ही श्रेणियों के लिए दावा अभिलेखों को अनुमोदित भी कर दिया है। इसके साथ ही अभिलेखीय मजबूत दावेदारी वाला करनाल प्रदेश का पहला जिला बन गया है। अब मंत्रालय की टीम करनाल शहर में वाटर प्लस के मानकों का निरीक्षण करेगी। यदि मानकों पर शहर खरा उतरा तो करनाल को वाटर प्लस का प्रमाण पत्र और थ्री स्टार रेडिंग मिल सकती है।
निगमायुक्त अभिषेक मीणा ने सोमवार को स्वच्छता शाखा के अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें बताया गया कि करनाल में खुले में शौचमुक्त यानी ओडीएफ तो पहले ही हो चुका है। इसके बाद ओडीएफ प्लस व ओडीएफ प्लस प्लस की श्रेणी भी पार कर ली है। इसी शृंखला में नगर निगम ने अब वाटर प्लस श्रेणी हासिल करने के लिए अपनी मजबूत दावेदारी की है। जिसके लिए केंद्र सरकार को दस्तावेज भेज हैं, जिन्हें अनुमोदन भी मिल गया है। इसी तरह से कचरामुक्त शहर में थ्री स्टार रेटिंग हासिल करने के लिए भी केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी मंत्रालय को दस्तावेज भेजे थे।
इन्हें भी अनुमोदन मिल गया है। अभी किसी अन्य जिलों को इन श्रेणियों में केंद्र से अनुमोदन नहीं मिल सका है। इसके लिए हमें व्यापक तैयारी करनी है, क्योंकि केंद्र सरकार की टीम निरीक्षण के बाद ही रेटिंग व प्रमाण पत्र प्रदान करेगी। टीम अपने मानकों पर शहर की स्वच्छता, पेयजल, जल निकासी आदि की व्यवस्था को परखेगी।
इनसेट
नालों की सफाई के लिए चलाया विशेष अभियान
निगमायुक्त ने बताया कि नगर निगम की ओर से नाला गैंग बनाकर सभी नालों की सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया गया है। इस काम के लिए अब तक वार्ड 10 व 12 मुकम्मल हो गए हैं, जबकि वार्ड 6, 11, 14 व 16 में आधे से ज्यादा छोटे नालों की सफाई कर दी गई है। शहर के ऊपरी हिस्से में तंग गलियां वाले क्षेत्र से भी सभी घरों से कूड़ा एकत्रीकरण सुनिश्चित किया जाएगा। निदेश दिए कि डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण, स्थानांतरण व परिवहन का काम वैज्ञानिक तरीके से ही जारी रहना चाहिए। अधिकारी लगातार सफाई करने वाले कर्मचारियों की सुबह-शाम हाजिरी के रजिस्टर चेक करें, कोई जानबूझ कर अनुपस्थित मिले, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। बैठक में उप निगमायुक्त अरुण कुमार, मुख्य सफाई निरीक्षक सुरेंद्र चोपड़ा, सफाई निरीक्षक ऊषा रानी, मनदीप सिंह व संदीप कुमार, एई संदीप राठी, जेई दीपक यादव, सीटीएल डॉ. प्रशांत त्यागी व सुगम स्वच्छता एजेंसी के प्रतिनिधि शामिल रहे।
आज जारी होगा सीटी-पीटी का कार्य आदेश
- शहर में जितने भी सामुदायिक व सार्वजनिक शौचालय (सीटी-पीटी) हैं, उनकी साफ-सफाई के लिए जो टेंडर लगाया गया था, उसका वर्क ऑर्डर ॉ20 जून को जारी हो जाएगा। एजेंसी को जोन वाइज काम सौंपा जाएगा। सफाई अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एजेंसी से इस काम का प्लान और उनके पास साफ-सफाई के क्या संसाधन उपलब्ध हैं, उसकी जानकारी ले लें। एजेंसी के सुपरवाईजर और उनके संपर्क नंबर भी ले लें, ताकि उनके काम की उचित तरीके से मॉनीटरिंग की जा सके।
राष्ट्रीय राजमार्ग से लगते ढाबे, होटल व पेट्रोल पंपों के परिसर सुंदर हों
- निगमायुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित ढाबे, होटल व पेट्रोल पंप के संचालकों के साथ एक बैठक करें और एनएच के सेक्शन इंजीनियर के साथ भी बैठक कराएं। जिसमें करनाल शहर की सीमा में राष्टीय राजमार्ग पर जितने भी ढाबे, होटल व पेट्रोल पंप हैं, उनके परिसर साफ-सुथरे बनाकर उनका सुंदरीकरण करवाया जाए।
साढ़े 22 हजार टन कचरे की प्रोसिंग
शेखपुरा स्थित सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट पर सुगम स्वच्छता एजेंसी की ओर से 100 एमएम. की ट्रोमल मशीन रोजाना 14 घंटे चलकर 500 टन ताजा कचरे को प्रसंस्कृत कर रही है। यहां जल्द ही 35 व 16 एमएम की मशीनें भी स्थापित हो जाएंगी। सांईटिफिक लैंड फिल के लिए साइट तैयार की जा रही है, इसका 2100 वर्ग मीटर का एक हिस्सा तैयार कर लिया गया है। लिगेसी वेस्ट की प्रोसेसिंग में अब तक करीब साढे 22 हजार टन कचरा प्रोसेस कर लिया गया है। प्लांट के चारों ओर ग्रीन बेल्ट विकसित की जाएगी।