करनाल। जनता को सुविधाएं देने के लिए काम कराने में अधिकारी कितने सजग हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि डी-प्लान में जनता से जुड़े 91 विकास कार्य अधर में हैं। इन्हें 31 मार्च तक पूरा करना है, अन्यथा इनके लिए सरकार की ओर से स्वीकृत 3.45 करोड़ रुपये की राशि लैप्स हो जाएगी। समय सीमा पूरी होने वाली और एक सप्ताह में 91 विकास कार्य पूरे करने हैं, जो कि संभव होता नजर नहीं आ रहा है।
हालात यह हैं कि सर्वाधिक बजट वाले नगर निगम के सबसे ज्यादा 18 और इंद्री खंड की 16 परियोजनाएं अधर में हैं। सभी 17 विभागों ने 18 कार्यों को शुरू करने से पहले ही ड्रॉप कर दिया है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से दावा किया जा रहा है कि सभी कार्य तय समय में पूरे हो जाएंगे, लेकिन महज आठ दिन में काम पूरा करना चुनौतीपूर्ण रहेगा। लोगों ने भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि जो काम अधिकारी साल भर में नहीं कर पाए, उन्हें महज सप्ताह भर में कैसे पूरा करेंगे।
जिले में सबसे ज्यादा बुरी स्थिति नगर निगम की है। इन्हें सर्वाधिक बजट और 30 कार्य आवंटित हुए थे। इसमें से महज 12 ही पूरे हुए हैं। जबकि अन्य 18 प्रोजेक्ट का काम लटकाने में यही महकमा सबसे आगे है। इन्हें 1.84 करोड़ रुपये आवंटित हुए थे, इनमें से महज 82.69 लाख रुपये खर्च किए हैं, जबकि करीब 1.01 करोड़ रुपये की राशि के 18 कार्य लंबित हैं, यदि 31 मार्च तक ये पूरे नहीं हुए तो निगम के खाते से यह राशि लैप्स हो जाएगी। ऐसे में बजट के अभाव में काम अधर में लटकने से जनता को ही परेशानी होगी। ऐसी ही स्थिति खंड इंद्री की है। जिन्होंने 59.01 लाख रुपये में से 51.66 लाख रुपये छह कार्यों पर खर्च कर दिए हैं। इनके 22 में से 16 कार्य लंबित हैं। जिले में डी प्लान के तहत वित्त वर्ष 2022-23 में कुल 12 करोड़ 37 लाख 36 हजार रुपये से 297 विकास कार्य स्वीकृत हुए। इनमें से अभी तक 8.92 करोड़ रुपये खर्च करके 188 कार्य पूरे हुए हैं जबकि 3.45 करोड़ रुपये के 91 कार्य लंबित हैं। ब्यूरो
पांच विभागों का काम पूरा पर बिल पास नहीं
कुल 17 एजेंसियों एवं विभागों की ओर से कार्य किया जा रहा है। इनमें से पांच विभाग ऐसे हैं, जिन्होंने अपने स्वीकृत सभी कार्य पूरे कर दिए हैं, लेकिन इस कार्य में खर्च हुई राशि के बिल एडीसी कार्यालय में जमा नहीं कराए। परियोजना अधिकारी राजेंद्र कुमार का कहना है कि यदि समय रहते बिल पास नहीं कराए तो करोड़ों रुपये के इन कार्यों की स्वीकृत राशि लैप्स हो जाएगी और अगले वित्त वर्ष में जारी होने वाली राशि में से काटी जाएगी। ऐसे में नए बजट से आने वाली राशि का जनता को लाभ नहीं हो पाएगा।
- पंचायती राज ने 10 कार्यों से किया इनकार
कुल प्रोजेक्ट में से 18 को अधिकारियों ने नॉट फिजिबल बताते हुए ड्रॉप कर दिया है। इनमें 10 प्रोजेक्ट पंचायती राज के हैं। इन्हें कुल 1.79 करोड़ की राशि अलॉट हुई थी, इनमें से 13 कार्यों को पूरा करते हुए 1.16 करोड़ रुपये खर्च कर दिए। जबकि 62.68 लाख रुपये शेष बचे हैं, जिनसे पांच कार्य पूरे होने हैं। जबकि 10 कार्यों को अधिकारियों ने मना कर दिया है। इसी तरह खंड मूनक, नीलोखेड़ी और नगरपालिका घरौंडा ने दो-दो, खंड करनाल और कुंजपुरा ने एक-एक कार्य ड्रॉप किया है।
- यह होते हैं डी प्लान के तहत कार्य
- 70 प्रतिशत राशि स्कूलों के नवीनीकरण, सामुदायिक केंद्र, चौपाल, जलापूर्ति, आंगनबाड़ी केंद्र, वृद्धाश्रम और शौचालयों के निर्माण सहित जनता की प्राथमिक आवश्यकताओं वाले कार्यों पर खर्च होती है।
- 30 प्रतिशत राशि सड़क, गलियों और नालियों, सीवरेज लाइन के निर्माण में खर्च होती है।
- सभी आठ खंडों और नगर निकायों की आवश्यकता और आबादी के हिसाब से बजट जारी होता है। जिले की कुल आबादी 15 लाख है।
किस विभाग की क्या है स्थिति बजट (लाख में)
विभाग
बजट
खर्च किया
बचा हुआ
काम अलॉट
लटके
पंचायती राज
179.43
116.75
62.68
28
05
असंध खंड
102.41
64.77
37.64
24
07
घरौंडा खंड
55.44
51.85
03.59
13
08
इंद्री खंड
59.01
51.66
07.35
22
16
करनाल खंड
91.6
60.99
30.61
25
06
कुंजपुरा खंड
38.57
33.46
05.11
11
03
मूनक खंड
56.19
46.56
09.63
15
04
नीलोखेड़ी खंड
91.83
73.47
18.36
27
08
निसिंग खंड
124.95
116.35
08.60
35
07
नगर निगम करनाल
184.52
82.69
101.83
30
18
नगर पालिका निसिंग 27.52
17.13
10.39
07
03
डीपीसी समग्र शिक्षा
105.34
81.7
23.64
31
06
इनके कार्य पूरे पर बिल नहीं हुए जमा
विभाग
बजट
खर्च किया
बचा हुआ
काम
नगर पालिका असंध
42.8
39.81
2.99
11
नगर पालिका घरौंडा
42.61
23.51
19.1
09
नगर पालिका इंद्री
10.62
08.10
02.52
03
नगर पालिका नीलोखेड़ी
07.95
07.10
0.85
03
नगर पालिका तरावड़ी
16.47
15.57
0.90
03
हर हाल में काम निपटाएंगे अधिकारी
हर हाल में अधिकारियों को 31 मार्च तक कार्य पूरा करके बिल पास कराना है। इस संदर्भ में अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होने देंगे। काम में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। पांच विभागों के सभी प्रोजेक्ट पूरे हो गए हैं।
- डॉ. वैशाली शर्मा, एडीसी