करनाल। बीते कुछ दिनों से भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका असर सेहत पर भी हो रहा है। सिविल अस्पताल की ओपीडी में रोजाना पांच से आठ लोग पहुंच रहे हैं। जिन्हें डॉक्टर खूब पानी पीने और धूप में अधिक देर तक न रहने की सलाह दे रहे हैं।
फिजिशियन डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 50 से अधिक लोग पहुंच रहे हैं। इनमें से पांच से आठ लोग गर्मी के कारण घबराहट, तेज सिरदर्द, सीने में दर्द की समस्या से ग्रसित हैं। उन्होंने बताया कि धूप में निकल रहे लोगों का हर 10 मिनट में गला सूख रहा है। डॉ. कुलबीर ने सलाह दी कि गर्मी में हल्के रंग के ढीले सूती कपड़े पहनें, सिर ढककर रखें, कपड़े, टोपी या छतरी का उपयोग करें, पर्याप्त पानी पीएं, ओआरएस, घर में बने पेय जैसे लस्सी, चावल का मांड, नींबू पानी, छाछ आदि पीएं।
बच्चों को वाहनों में न छोड़ें
आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर डॉ. सुनील गुप्ता ने बताया कि बच्चों को वाहनों में छोड़कर न जाएं, उन्हें लू लगने का खतरा हो सकता है, नंगे पांव बाहर न जाएं, गर्मी से राहत के लिए हाथ का पंखा अपने पास रखें, काम के बीच में थोड़ा-थोड़ा विश्राम लें, खेत खलीहान में काम कर रहे हैं तो समय-समय पर पेड़ या छाया में ही आसरा लें। गर्मी के मौसम में जंक फूड का सेवन न करें। ताजे फल, सलाद या घर में बना खाना खाएं। खासतौर से दोपहर 12 से सायं चार बजे के बीच धूप में सीधे न जाएं। यदि बच्चे को चक्कर आए, उल्टी, घबराहट अथवा तेज सिरदर्द, सीने में दर्द या सांस लेने में कठिनाई हो तो चिकित्सक को दिखाएं।
ये लक्षण दिखे तो डॉक्टर को दिखाएं
सिरदर्द, जी मिचलाना, सिर घूमना, कमजोरी, चिड़चिड़ापन, प्यास लगना, अत्यधिक पसीना निकलना, शरीर का तापमान ज्यादा होना इत्यादि लक्षण दिखने पर डॉक्टर को जरूर दिखाएं।