- पासपोर्ट बनवाने की वेटिंग में बठिंडा के बाद करनाल दूसरे स्थान पर
राकेश चौहान
करनाल। कर्णनगरी के युवाओं में विदेश जाने की होड़ लगी है। विदेश जाने का सपना पूरा करने के लिए युवा दूसरे राज्यों में पासपोर्ट बनाने के लिए आवेदन कर रहे हैं क्योंकि करनाल पासपोर्ट कार्यालय में ढाई महीने की वेटिंग चल रही है। पासपोर्ट बनवाने के लिए तीन जुलाई की तारीख मिल रही है। वहीं चंडीगढ़ जोन की बात करें तो बठिंडा के बाद करनाल सबसे ज्यादा वेटिंग में दूसरे स्थान पर है। बठिंडा में 16 जुलाई की वेटिंग है।
अन्य जिलों व राज्यों की बात करें तो कहीं पर 15 दिन तो कहीं एक-एक महीने की वेटिंग चल रही है। इससे साफ है कि करनाल में लोग सबसे अधिक पासपोर्ट बनवा रहे हैं। इनमें बुजुर्ग, युवा, महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। इतना ही नहीं शहर के पासपोर्ट कार्यालय में पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट भी बनने लग गए हैं। इसकी भी वेटिंग पांच से 10 दिन की चल रही है। इससे पहले लोगों को अंबाला व चंडीगढ़ जाना पड़ता था।
हर रोज 50 लोगों के बनते हैं पासपोर्ट
शहर में मार्च 2018 में पासपोर्ट कार्यालय खोला गया था। तभी से हर रोज 50 लोगों की अप्वाॅइंटमेंट दी जाती है। ऐसे में हर साल 13500 के करीब पासपोर्ट बनाए जाते हैं। पिछले तीन सालों में 40500 के करीब लोग पासपोर्ट बनवा चुके हैं। इनमें महिलाएं व बच्चे भी शामिल हैं। करनाल में कुंजपुरा रोड स्थित जिला डाकघर में पासपोर्ट कार्यालय बनाया गया है। युवाओं में विदेश जाने का इतना क्रेज है कि ग्रामीण क्षेत्र में युवा जमीन बेचकर विदेश जाने का सपना पूरा कर रहे हैं ताकि वह वहां शिक्षा के साथ रुपये कमा सकें। इतना ही नहीं विदेश जाने पर परिजन मिठाई बांटते हैं तो रात को आतिशबाजी करते हैं।
आईलेट्स व पीटीई केंद्रों की बढ़ रही संख्या
शहर से लेकर गांव तक के युवा 12वीं कक्षा पास कर कॉलेज में दाखिला लेने के बजाए आईलेट्स व पीटीई करने के लिए कोचिंग सेंटरों का रुख कर रहे हैं ताकि वह इस परीक्षा में अच्छे बैंड लेकर स्टडी वीजा ले सकें और विदेश में पढ़ाई के साथ रुपये भी कमा सकें। यही कारण है कि जिले में आईलेट्स व पीटीई केंद्रों की संख्या भी कई गुना हो चुकी है। इससे अलग पर्यटक वीजा व डॉन्की से भी विदेश जाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।
वर्जन
पासपोर्ट बनाने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। इस कारण जुलाई तक की वेटिंग चल रही है। पासपोर्ट बनवाने आने वाले लोगों के लिए कार्यालय में हर प्रकार की सुविधा है। करनाल कार्यालय में पीसीसी की भी सुविधा शुरू हो चुकी है।
- नीलम कांबोज, पोस्टल असिस्टेंट, डाक घर करनाल