करनाल। जैन आराधना मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में सबसे पहले महामंत्र नवकार का सामूहिक जाप किया गया। श्रद्धालु सुधा, शिखा, निशा ने तप की गरिमा बताने वाले भजनों से सभी को भावविभोर किया। श्री पीयूष मुनि महाराज ने कहा कि भारतीय परंपरा में तप को भारी महत्त्व दिया गया है। तप से कर्मबंधन कटते हैं, आत्मा उजली होती है, शुद्धि करके आत्मा उन्नत अवस्था को पाती है। तप से चमक आती है। तपनिष्ठ साधक का आशीर्वाद सफल होता है। इस अवसर पर महासाध्वी जागृति महाराज द्वारा 31 आयम्बिलों की तपस्या पूर्ण करने पर पारणा कार्यक्रम भारत संत गौरव पीयूष मुनि तथा वात्सल्यमूर्ति महासाध्वी माता प्रमिला की उपस्थित में किया गया। संवाद