संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री (करनाल)। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का कार्यक्रम तो भाजपा कार्यालय कर्ण कमल पहुंचने का था लेकिन वे अचानक रास्ते से इंद्री क्षेत्र के दमनहेड़ी गांव पहुंच गए। यहां खेतों में जाकर ओलावृष्टि से हुए नुकसान का जायजा लिया और किसानों से बातचीत कर उनका दर्द सुना।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षतिपूर्ति पोर्टल शुरू करा दिया गया है। किसान अपने नुकसान का पंजीकरण करें। पटवारियों को भी गिरदावरी कर रिपोर्ट देे के आदेश दिए जा चुके हैं, जिस किसी किसान भी नुकसान हुआ है, उसे मुआवजा दिया जाएगा। चुनाव पर पूछ गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि इस बार करनाल में दो कमल खिलेंगे, एक दिल्ली जाएगा और दूसरा चंडीगढ़।
जब मुख्यमंत्री सैनी अचानक इंद्री क्षेत्र के दमनहेड़ी गांव में रुके और खेतों में जाकर नुकसान देखा तो किसानों ने उन्हें अपनी दिक्कतें बताई। किसानों ने कहा कि उनकी मेहनत पर पानी भर गया है। गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बालियां झड़ चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के साथ है। किसी भी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
ओलावृष्टि की सूचना कल ही मिल गई थी, अधिकारियों को विशेष गिरदावरी कराने के निर्देश दे दिए गए हैं। पटवारी आदि गांवों की ओर रवाना हो चुके हैं। दो तीन दिन में ही रिपोर्ट आ जाएगी। साथ ही क्षतिपूर्ति पोर्टल खोल दिया गया है। थोड़े क्षेत्र में ही नुकसान है। किसान अपने नुकसान का पोर्टल पर पंजीकरण कराए। यथाशीघ्र ही उन्हें मुआवजा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसानों की भलाई के लिए सरकार की ओर से कई कल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही है जिनका किसानों को पूरा लाभ मिल रहा है। प्रदेश के किसान खुशहाल हैं। पत्रकारों से बातचीत के दौरान भी उन्होंने शीघ्र ही सत्यापन के बाद किसानों को मुआवजा दिलाने की बात कही। इस अवसर पर इंद्री विधायक राम कुमार कश्यप, जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा, मंडल अध्यक्ष अमनदीप सिंह विर्क, मेहर सिंह कलामपुरा, धर्मपाल शांडिल्य, रघुबीर बत्तान आदि मौजूद रहे।