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Karnal News: देश के 60 फीसदी रकबे में बोई जाएंगी गेहूं की जलवायु सहनशील किस्में

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देश के 60 फीसदी रकबे में बोई जाएंगी गेहूं की जलवायु सहनशील किस्में
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- आईआईडब्ल्यूबीआर की ओर से ईजाद नई किस्मों का गेहूं जलवायु सहनशील के साथ अधिक पौष्टिक भी होगा

- केंद्र सरकार ने आईआईडब्ल्यूबीआर सहित अनुसंधान केंद्रों, कृषि महकमे को दिया नया लक्ष्य
देव शर्मा

करनाल। केंद्र सरकार ने इस बार गेहूं अनुसंधान केंद्रों और कृषि एवं किसान कल्याण विभाग को देश के 114 मिलियन टन की पैदावार के साथ-साथ करीब 60 प्रतिशत गेहूं वाले रकबे में गेहूं की जलवायु सहनशील किस्मों की बुवाई कराने का लक्ष्य दिया है। ताकि चाहे अधिक बारिश, गर्मी हो या ठंड, गेहूं का उत्पादन कम न हो। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान (आईआईडब्ल्यूबीआर) के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि संस्थान ने जिन पांच नई किस्मों का बीज देशभर के किसानों को देना शुरू किया है, वह सभी जलवायु सहनशील होने के साथ-साथ वॉयोफोर्टिफाइड भी हैं, जो अन्य किस्मों से अधिक पौष्टिक हैं।

आईआईडब्ल्यूबीआर में पंजाब के किसानों को बीच वितरण के मौके पर संस्थान के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि इस बार संस्थान ने गेहूं की जो नई किस्में देश को दी हैं, उनमें से डीबीडब्ल्यू-327, डीबीडब्ल्यू-332, डीबीडब्ल्यू-370, डीबीडब्ल्यू-371, डीबीडब्ल्यू-372 के बीज दिए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ किसानों की डीबीडब्ल्यू-303 व 187 की भी भारी मांग आ रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साल के आंकड़े संस्थान को मिले हैं, जिसमें बेहद विपरीत जलवायु में भी नई किस्मों से 70 से 80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज ली है, इन नई किस्मों में 80 से 100 क्विंटल प्रति हेक्टेयर अनुमोदित है। इसके साथ-साथ इन किस्मों को वायोफोर्टिफाइड बनाया गया है, इनमें प्रोटीन की मात्रा 12 से अधिक है, जबकि जिंक और आयरन 40 पीपीएम से अधिक है, जबकि सामान्य में प्रोटीन 10.50 और जिंक आयरन 28 से 30 पीपीएम होता है। इसलिए इन किस्मों का गेहूं अधिक पौष्टिक भी होगा। उन्होंने बताया कि पिछले साल देश की गेहूं पैदावार का तृतीय चरण का आंकड़ा आ चुका है, जो 112.74 मिलियन टन है, अभी अंतिम रिपोर्ट आनी बाकी है। केंद्र सरकार ने आगामी वर्ष का लक्ष्य 114 मिलियन टन रखा है। अब एक नया लक्ष्य दिया है।
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सात राज्यों में किसानों की भूमि पर होगा कलस्टर प्रदर्शन



आईआईडब्ल्यूबीआर करनाल देश के सात राज्यों में नई गेहूं की किस्मों का कलस्टर प्रदर्शन करने जा रहा है। ये प्रदर्शन हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्यप्रदेश, बिहार और उत्तराखंड के 33 जिलों में किए जाएंगे। निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि हर जिले में कम से कम एक कलस्टर प्रदर्शन होगा, जिससे 40 किसान जुड़ेंगे, हर किसान की कम से कम एक एकड़ भूमि पर पूरी तकनीक के साथ गेहूं की किस्मों का प्रदर्शन होगा। जिससे किसानों के सामने, उनकी भूमि पर, उनके द्वारा ही नई किस्मों की उपज हो।
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