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Karnal News: कॉलेज तरावड़ी का पर नीलोखेड़ी के मंदिर में लग रहीं कक्षाएं

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- छह साल में भवन मिला न स्टाफ, छात्राएं कॉलेज छोड़ने को मजबूर, अब अपग्रेड होने पर छात्र कहां बैठेंगे
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- मंदिर के पांच कमरों में हो रही चार कोर्स की पढ़ाई, 2018 से शुरू हुआ भवन निर्माण कार्य भी डेढ़ साल से ठप

संवाद न्यूज एजेंसी
नीलोखेड़ी (करनाल)। तरावड़ी का श्री गुरु तेग बहादुर राजकीय कन्या महाविद्यालय निर्धारित स्थान से आठ किलोमीटर दूर नीलोखेड़ी के मंदिर में चल रहा है। यहां भी पांच कमरे ही कॉलेज को अलॉट हैं, जिनमें चार कोर्स की छात्राएं पढ़ाई करती हैं। यह स्थिति करीब छह साल से है। चंद दिनों के लिए कॉलेज को यहां शुरू किया गया था, ताकि उसका अपना भवन निर्माण हो सके, लेकिन डेढ़ साल से भवन निर्माण कार्य भी ठप है।
अब प्रदेश सरकार ने इस कन्या महाविद्यालय को को-एजूकेशन कर दिया है। यानी नए सत्र से लड़कों को भी दाखिला मिलेगा। सरकार के इस निर्देश से प्रबंधन चिंता में है, क्योंकि कॉलेज तो अपग्रेड हो रहा है, लेकिन यहां तो वर्तमान में पढ़ रही छात्राओं को पांच कमरों में बैठाना चुनौती है, अब लड़कों को कहां बैठाएंगे। स्थिति यह है कि 2018 में सरकार ने कन्या महाविद्यालय शुरू किया था। तब भवन निर्माण शुरू होने तक कुछ महीने के लिए इस कॉलेज को नीलोखेड़ी के श्री सनातन धर्म मंदिरन नीलनगर में शुरू किया गया। मैदान, लैब, पुस्तकालय और कैंटीन होना तो दूर की बात इस जगह पर महज दो ही शौचालय हैं, दोनों गंदगी से अटे हैं। पीने के पानी की सुविधा भी नाम मात्र है। ऐसे में छात्राएं सुविधाओं को तरस रही हैं। पिछले दो साल से दो बैच यहां से पासआउट हो चुके हैं। वहीं तंग भवन में असुविधाओं के कारण कई छात्राएं बीच में ही पढ़ाई छोड़ चुकी हैं। वर्तमान में स्थिति यह है कि प्रथम वर्ष की 340 सीटों में से महज 125 छात्राएं ही पढ़ाई कर रही हैं।
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विवाद के कारण 2022 से बंद पड़ा काम
तरावड़ी में कॉलेज भवन का निर्माण 16.52 करोड़ रुपये से हुआ। अब तक 85 फीसदी काम हो चुका है। बाद में प्रोजेक्ट में विस्तार करते हुए एजेंसी को अतिरिक्त काम दिया गया। जिसे करने से एजेंसी ने मना कर दिया। ऐसे में एजेंसी से विवाद चल रहा है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों का कहना है कि शीघ्र विवाद को निपटाकर काम शुरू कराएंगे। यह निर्माण कार्य 2021 में पूरा होना था। कोविड के कारण 2020 से इसकी तिथि आगे बढ़ाई थी, लेकिन कार्य अभी तक अटका है। काम बंद होने के कारण भवन भी खंडहर होने लगा है।

बरसात में टपकती है छत, शौचालय खराब
जिस भवन में कॉलेज चल रहा है उसकी स्थिति यह है कि दो शौचालय हैं, दोनों टूटे हैं। जिनके बाहर गंदा पानी जमा रहता है। इसके अलावा वाटर कूलर जमीन पर ही पड़ा है। यहां भी कीचड़ रहता है। वहीं जिन कमरों में कक्षाएं लगती हैं, उसकी छतों और खिड़कियों से बरसात में पानी टपकता है। ऐसे में छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कमरों में रोशनी की व्यवस्था भी कम है, ऐसे में अंधेरा छाया रहता है। - संवाद

महाविद्यालय को सहशिक्षा करने संबंधी अधिसूचना जारी हुई है। आगामी सत्र में लड़कों का भी दाखिला करने के निर्देश मिले हैं। इसके लिए हर पहलू पर विचार किया जा रहा है। इतने कम स्थान में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने से उन्हें बैठाना और पढ़ाना चुनौती हो सकती है, लेकिन उपलब्ध संसाधनों के आधार पर संस्कारयुक्त शिक्षा के साथ अन्य सुविधाएं देने की हरसम्भव कोशिश की जाएगी।
- डॉ. रेखा शर्मा, प्रिंसिपल, राजकीय कन्या महाविद्यालय तरावड़ी

यह कॉलेज जिस भवन में चल रहा है, उसकी मरम्मत करवाने के लिए कई बार भवन खाली करने बारे कहा गया है। इस भवन में और कमरे अथवा स्थान नहीं है जिसे जरूरत पड़ने पर कॉलेज को दिया जा सके। हमारा प्रयास है कि छात्राओं को यहां शिक्षा के लिए समुचित स्थान दे सकें।
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- शिवनाथ कपूर, महासचिव, ललिता शास्त्री एसडी शिक्षा समिति

तरावड़ी और बस्तली के कन्या महाविद्यालय को को-एजूकेशन करने की मांग सरकार ने मानी है। जहां तक जगह की कमी की बात है आने वाले सत्र के लिए पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी और रुके हुए भवन निर्माण को जल्दी पूरा करवाने की कोशिश की जाएगी।
- धर्मपाल गोंदर, विधायक नीलोखेड़ी
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