संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गर्मी का सीजन नजदीक है, लेकिन बच्चों के लिए अभी मौसम ठंडा है। जिनमें एलर्जी की समस्याएं सामने आ रही हैं। सिविल अस्पताल की चर्म रोग ओपीडी में रोजाना 200 मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें 40 बच्चे शामिल हैं जो स्केबिज बीमारी से पीड़ित हैं। इन बच्चों की उम्र लगभग छह माह से दो साल तक के बीच है।
चर्म रोग विशेष डॉ. प्रदीप मान व डॉ. पूजा पुरी ने बताया कि खुजली, लाल दाने और जलन जैसी शिकायतें मिल रही हैं। इनमें 60 फीसदी मरीज फंगल इंफेक्शन के होते हैं जबकि 20 फीसदी मरीज स्केबीज के होते हैं। फिलहाल स्केबीज की बीमारी अधिक फैल रही है। बच्चों को यह जल्द चपेट में लेती है।
उन्होंने बताया कि स्केबीज छूत की बीमारी है जो एक दूसरे से फैलती है। इन दिनों 50 प्रतिशत लोग व बच्चे इस बीमारी की चपेट में हैं। स्केबीज की यह बीमारी सबसे जल्दी फैलती है। इसमें कपड़े व बिस्तर की शेयरिंग करने वाले को यह रोग हो सकता है। इस रोग में उंगलियों के बीच में शरीर के अंदरूनी हिस्सों और पेट पर दाने निकलने के साथ खुजली होने लगती है। यदि घर में दो या तीन बच्चे हैं, तो वह भी इसकी चपेट में आ जाते हैं, क्योंकि बच्चे अक्सर साथ खेलते हैं और एक जगह ही बिस्तर पर लेटते हैं। इससे उनमें यह बीमारी जल्दी फैलती है।
ये सावधानियां जरूरी
डॉ. पूजा पुरी ने बताया कि एलर्जी होते ही बच्चों का तुरंत इलाज करवाना चाहिए। बताए गए परहेज पर अमल करना चाहिए। घर की नियमित सफाई करें। हर दो हफ्ते में घर के पर्दे और दो-तीन दिन में बेडशीट बदलें। कपड़ों को धोते समय उसमें एंटीसेप्टिक की दो बूंद डालना न भूलें। यदि घर मेन रोड पर है तो दरवाजे और खिड़कियों को बंद रखें। खिड़कियों पर शीशे के साथ बारीक जाली लगाएं। इससे कीडे़ मकोड़े भी घर के अंदर नहीं आ पाएंगे।