संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले का तापमान 43 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है। ऐसे में गर्मी के कारण डायरिया तेजी से बच्चों को अपनी चपेट में ले रहा है। नागरिक अस्पताल की शिशु रोग विशेषज्ञ की ओपीडी की बात करें तो यहां एक सप्ताह से 250 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
नागरिक अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष परुथी ने बताया कि गर्मी से उल्टी-दस्त, पेट दर्द व डायरिया की समस्या बढ़ गई है। गर्मी का असर सबसे ज्यादा बच्चों पर पड़ रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। बच्चे दूषित पानी या फिर अन्य चीज खा लेते हैं। उन्होंने बताया कि डायरिया एक जल जनित बीमारी है। दूषित पेयजल से यह बढ़ रही है। ऐसे में लोगों को साफ पानी या उबाल कर पीना चाहिए।
लक्षण व बचाव
एक दिन में तीन या उससे ज्यादा बार पतला व तरल मल आना, 102 डिग्री या उससे ज्यादा बुखार, बार-बार उल्टी आना, पेट या मलाशय में तेज दर्द होना, मल काला और रुका हुआ होना या उसमें खून आना। वहीं बचाव के लिए सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल करें, गन्ने का जूस पिएं, सोडा, चाय व कॉफी का सेवन न करें, लो-फाइबर युक्त डाइट लें, आलू और सफेद राइस खाएं, स्वच्छता का रखरखाव करें, टॉयलेट जाने के बाद और खाना बनाने या खाने से पहले हाथ धोएं।