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सुविधाएं देने में खरी नहीं उतरी सीएचडी सिटी कॉलोनी, नोटिस जारी

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। शहर की सीएचडी कॉलोनी में कॉलोनाइजर्स ने मानकों के आधार पर बाशिंदों को सुविधाएं मुहैया नहीं कराई हैं। जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) ने यहां का निरीक्षण कर कॉलोनाइजर को दिशा-निर्देश भी दिए, लेकिन कोई सुधार नहीं हो सका है। अब डीटीपी ने कॉलोनाइजर संस्था को 10 दिन का समय दिया है। इस बीच इसमें सुधार न किए जाने पर कॉलोनाइजर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी है।
सीएचडी सिटी, सेक्टर-45 में आंतरिक विकास कार्यों को पूर्ण न करने की शिकायतों के बाद 21 जुलाई को आरडब्ल्यूए सीएचडी सिटी और आरके सीएचडी डेवलपर्स लिमिटेड के अध्यक्ष मित्तल की मौजूदगी में डीटीपी आरएस बाठ ने बैठक की थी। जिसमें डीडीजेएवाई सहित आवासीय प्लॉट कॉलोनी की स्थापना के लिए लाइसेंस निदेशक (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग) द्वारा लाइसेंस के नियमों और शर्तों का पालन करने को कहा गया था, लेकिन जब डीटीपी ने पिछले महीने कॉलोनी में विकास कार्यों से संबंधित और लाइसेंस के नियमों और शर्तों का निरीक्षण किया तो इनका पालन नहीं पाया गया। उसी समय कमियों को दूर कराने को कहा गया था, लेकिन अब दोबारा निरीक्षण में भी कोई सुधार नजर नहीं आया है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री के सामने भी मामला उठा तो फिर से कॉलोनी का निरीक्षण किया और पाया कि कमियां अभी भी मौजूद हैं। इसमें सड़कों की मरम्मत, रखरखाव, रजबाहा (जल चैनल) पर स्थायी पुलों का निर्माण, काम करने की स्थिति में उचित सीवरेज निपटान और स्थापना एसटीपी की व्यवस्था, 12 जुलाई 2022 को पारित सीजीआरएफ आदेश का क्रियान्वयन, सभी ट्रांसफार्मर सहित बिजली के बुनियादी ढांचे को पूरा करना, केबल आदि को बदलना, स्लिप वे, सड़क उपलब्ध कराकर एनएच-44 से कॉलोनी तक उचित पहुंच, सामुदायिक केंद्र, सुविधाओं का निर्माण, प्लॉट खरीदारों के साथ की गई प्रतिबद्धता को भी पूरा करने में असफल रहे हैं।
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डीटीपी ने बताया कि कमियों को दूर करने और सेवा योजना अनुमान के साथ-साथ सुविधाएं, सेवाएं प्रदान करने के लिए कॉलोनाइजर को 10 दिनों का समय दिया है।
रजबाहे में छोड़ा जा रहा सीएचडी सिटी के सीवर का पानी
करनाल। सीएचडी सिटी आरडब्ल्यूए के समन्वयक सुरेंद्र तंवर ने रेलवे को पत्र लिखकर बताया है कि सीएफएम और सीएचडी डेवलपर्स कंपनी द्वारा लगातार पर्यावरण के नियमों की अवहलेना की जा रही है। रेलवे की जमीन में खुले में सीवरेज का पानी छोड़ा जा रहा था।
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पत्र में बताया कि सीएचडी डेवलेपर्स का एसटीपी प्लांट काम नहीं कर रहा है। सीवरेज का पानी जुंडला ब्रांच रजबाहे में रात को निकाल दिया जाता है। जिससे किसानों के पशुओं और अन्य जीव-जंतुओं की जान को खतरा है। सिंचाई विभाग के एक्सईएन को इसकी जानकारी दी गई है। उप प्रधान ललिता राणा ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को इस मामले से अवगत कराया जा रहा है।
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