जिला नागरिक अस्पताल से अब सिजेरियन डिलीवरी कराने के लिए गर्भवती महिलाओं को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज में रेफर नहीं करना पड़ेंगा चूंकि नागरिक अस्पताल को आठ माह बाद स्त्री रोग विशेषज्ञ मिली है। अब एक नहीं बल्कि दो स्त्री रोग विशेषज्ञ आ चुकी है।
बता दे कि अमर उजाला समाचार पत्र ने गर्भवती महिलाओं और उनके तीमारदारों को होने वाली इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। वहीं इस मुद्दे को करनाल की महिला डॉक्टरों व स्टाफ नर्सों ने डीजी हेल्थ डॉ. सोनिया त्रिखा के सामने रखा। जिसके बाद उन्होंने संज्ञान लेते हुए तुरंत प्रभाव से इंद्री में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. श्रुति को दो माह ही डेपूटेशन पर नागरिक अस्पताल में भेज दिया है और वहीं दूसरी ओर नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के तहत ऑन कॉल ड्यूटी पर स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. जश्न को रखा गया है। ऑन कॉल यानी जब एमबीबीएस डॉक्टरों को प्रसूति कक्ष में आई गर्भवती की स्थिति चेकअप के दौरान लगेगा कि सिजेरियन जरूरी है तो डॉक्टर को फोन कर तुरंत बुलाया जाएगा और सिजेरियन डिलीवरी करवाई जाएगी।
अब प्राइवेट में नहीं करनी पड़ेगी जेब ढीली
गर्भवती महिलाओं के कई ऐसे केस सामने आए है। जिसमें अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी बंद होने का पता लगते ही चेकअप कराने के बाद अपनी गर्भवती महिलाओं को सीधा प्राइवेट अस्पताल में ले जाते है, जिससे प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को काफी पैसा खर्च कर अपनी डिलीवरी कराते है, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा चूंकि आठ माह के लंबे इंतजार के बाद दो स्त्री रोग विशेषज्ञ मिल चुकी है। ऐसे में अब नागरिक अस्पताल में ही सिजेरियन की सुविधा मिलेगी।
दो एमडी लेकर वापस ली दो एमबीबीएस
नागरिक अस्पताल के प्रसूति कक्ष में छह महिला और एक पुरुष एमबीबीएस डॉक्टर थे लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने दो स्त्री रोग विशेषज्ञ देकर दो एमबीबीएस डॉक्टर वापस ले चुके है। दो एमबीबीएस डॉक्टरों में से एक की ड्यूटी ट्रामा सेंटर और दूसरी की आयुष्मान योजना में लगा दी है। ऐसे में मैनपावर उतनी ही है।
प्रसूति कक्ष में 28 बेड भी पड़ रहे कम
प्रसूति कक्ष में कुल 28 बेड है। इनमें से 21 बेड पीएनसी यानी पोस्टनेटल केयर के लिए रिजर्व है। वहीं बचे हुए सात बेड एएनसी यानी एंटीनेटल केयर के लिए बचे हुए है। ऐसे में रोजाना 10 से 12 डिलीवरी हो रही तो बेड बहुत कम पड़ रहे है। यहां पर हाल ऐसा है कि डॉक्टरों व स्टाफ नर्सों को मजूबरी में एक बेड पर दो जच्चा-बच्चा को लेटना पड़ रहा। जिससे जच्चा-बच्चा को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। अगर विभाग की ओर से बेडों की संख्या बढ़ जाए तो और बेहतर सुविधा मिल सकती है।
वर्जन
जिला नागरिक अस्पताल को दो स्त्री रोग विशेषज्ञ मिल चुकी है। अब गर्भवती महिलाओं के सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा मिलनी शुरू हो चुकी है। अब गर्भवती महिलाओं को सिजेरियन के लिए प्राइवेट अस्पतालों में धक्के खाने नहीं पड़ेंगे।
-डॉ. पीयूष शर्मा, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, करनाल