- पटवारी और कानूनगो 33 दिन से हड़ताल पर, 4714 इंतकाल अटके, लोग परेशान
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। राजस्व अधिकारियों की बैठक में उपायुक्त ने निर्देश जारी किए हैं कि इंतकाल चढ़ाने और प्रमाणपत्र जारी करने के कार्य में तेजी लाएं, ताकि सरल की सुविधा देने में जिला प्रदेश में अग्रणी रहे, लेकिन इन आदेशों का पालन कैसे होगा, इसकी योजना जिला प्रशासन की ओर से नहीं बनाई गई है।
पिछले 33 दिन से पटवारी एवं कानूनगो हड़ताल पर हैं। ऐसे में न इंतकाल चढ़े और न प्रमाणपत्र जारी हुए। लोन संबंधित रजिस्ट्री भी नहीं हो पा रही। इससे सरकार का करोड़ों रुपये का राजस्व रुक गया है। केवल इंतकाल की स्थिति पर ही नजर डालें तो करनाल जिले की आठ तहसील से 4714 इंतकाल की फाइलें फंसी हैं। इतना ही आंकड़ा लोन संबंधित रजिस्ट्री का भी है। जबकि प्रमाणपत्र संबंधित फाइलों का आंकड़ा इससे दोगुना है। इधर, पटवारियों ने भी अपनी हड़ताल सात फरवरी तक बढ़ा दी है। जिला प्रधान पदम कुमार का कहना है कि जब तक सरकार मांगें नहीं मानती हड़ताल जारी रहेगी।
350 से ज्यादा रजिस्ट्री, 500 प्रमाणपत्र बनते
जिले में रोजाना 350 से ज्यादा रजिस्ट्री और 500 से ज्यादा जाति, आय व रिहायशी प्रमाणपत्रों के लिए आवेदन आते हैं। रजिस्ट्री के लिए पुराने इंतकाल व जमाबंदी की जरूरत होती है, वहीं नया इंतकाल ऑनलाइन चढ़ने के बाद उसकी सत्यापित प्रति की भी उन मामलों में ज्यादा जरूरत पड़ती है, जिन्होंने संपत्ति पर लोन लिया हो, लेकिन समय पर पटवारी न मिलने के कारण फाइलें अटकती हैं।
करनाल तहसील के सबसे ज्यादा इंतकाल लंबित
तहसील
पोर्टल पर नहीं चढ़े
स्वीकृति लंबित
कुल
असंध
55
487
542
बल्ला
25
97
122
घरौंडा
211
413
624
इंद्री
101
383
484
करनाल
618
1239
1857
निगदू
169
148
317
नीलोखेड़ी
133
185
318
निसिंग
124
326
450
तहसीलों में आमजन से जुड़े कार्यों में तेजी लाएं : उपायुक्त
करनाल। बैठक में उपायुक्त अनीश यादव ने कहा कि राजस्व विभाग के अधिकारी व कर्मचारी तहसीलों में आमजन से जुड़े कार्यों में तेजी लाएं। तहसीलों में रजिस्ट्री, गिरदावरी, जमाबंदी व जाति प्रमाणपत्र से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा किया जाए। अधिकारी विशेषतौर पर यह ख्याल रखें कि आमजन को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। सभी तहसीलों व उप तहसीलों में लंबित पड़े इंतकाल के कार्य को जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले के सरल केंद्र का स्कोर नीचे नहीं आना चाहिए। जो भी कार्य सरल केंद्र के माध्यम से किए जाते हैं, उनका निपटारा तत्काल किया जाना चाहिए। सरल केंद्र में लंबित पड़े मामलों की संख्या शून्य की जाए। उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि तहसीलों में जाति और आय प्रमाण पत्र के लिए जितने भी आवेदन आते हैं, उन्हें बिना विलम्ब के जारी करने की कोशिश करें। लेकिन यह कैसे होगा, इसकी रूपरेखा प्रशासन की ओर से जारी नहीं की गई।
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र। नया बसअड्डा। संवाद
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र। नया बसअड्डा। संवाद