- केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने बासमती चावल की निर्यात सीमा 950 डालर प्रति टन की
देव शर्मा
करनाल। चावल निर्यातकों के लिए सोमवार को एक राहतभरी खबर आई। केंद्र सरकार ने बासमती चावल निर्यात की सीमा 1200 डालर प्रति टन से घटाकर 950 डॉलर प्रति टन कर दिया है। जिसका अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ ने स्वागत किया है। अब हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित देश के सभी बासमती उत्पादक राज्यों से बासमती व उस श्रेणी के चावल का ठहरा निर्यात फिर से शुरू हो जाएगा। जिसका फायदा किसानों को भी मिलेगा।
पिछले दिनों केंद्र सरकार ने भारत से करीब 160 देशों को निर्यात होने वाले बासमती व उस श्रेणी के चावल के निर्यात की सीमा निर्धारित कर दी थी, जो कि 1200 डॉलर प्रति मीट्रिक टन थी। जबकि चावल निर्यातकों का कहना है कि भारत से जो बासमती चावल निर्यात होता है, वह औसतन 850 से 900 डालर प्रति टन का होता है। यही कारण है कि इस सीमा के निर्धारित होने के बाद निर्यातकों को बड़ा झटका लगा था। निर्यात भी लगभग बंद हो गया था। निर्यातकों ने केंद्र सरकार से इसे कम करने की गुहार लगाई थी, लेकिन 14 अक्तूबर को ये उम्मीदे उस समय टूट गई जब केंद्र सरकार ने 1200 डालर प्रति टन की सीमा को बरकरार रखने का पत्र जारी कर दिया। इसके बाद 15 अक्तूबर से हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित बासमती उत्पादन सात राज्यों के निर्यातक हड़ताल पर चले गए और बासमती व उस श्रेणी के 1509, 1121, पूसा -1 आदि किस्मों के धान की खरीद बंद कर दी। इस दौरान केंद्रीय वाणिज्य मंत्री, केंद्रीय अधिकारियों से वार्ताओं का दौर चला। इसके बाद हरियाणा, पंजाब व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्रियों ने भी केंद्र सरकार को पत्र लिखकर निर्यात सीमा को कम करने पर विचार का अनुरोध किया। चौथे दिन निर्यातकों ने इसी आश्वासन पर हड़ताल खत्म करके खरीद शुरू कर दी।
भारत सरकार ने बासमती चावल निर्यातकों को राहत दी है। जो निर्यात सीमा 1200 डालर प्रति टन थी, अब उसे 950 यूएसडीएस कर दिया गया है। जिससे अब निर्यातक 950 डालर प्रति टन से अधिक कीमत वाले चावलों का निर्यात कर सकेंगे। इससे किसानों को तो लाभ होगा ही, अन्य हितधारकों की निर्यात प्राप्ति में भी सुधार होगा। अखिल भारतीय चावल निर्यात संघ ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है।
- विजय सेतिया, पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष-अ.भा.चावल निर्यात संघ।
भारत सरकार ने बासमती चावल निर्यातक संघ के साथ हुई बातचीत पर सकारात्मक कार्यवाही की है। निर्यात सीमा को अब 1200 डालर से घटाकर 950 डालर प्रति टन कर दिया गया है, जिसका अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ ने स्वागत किया है। इसके लिए वाणिज्यमंत्री सहित सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त करता हूं। हालांकि मांग तो 850 डालर प्रति टन करने की थी, लेकिन इससे भी स्थिति में सुधार होगा।
- नाथीराम गुप्ता, राष्ट्रीय अध्यक्ष, अखिल भारतीय चावल निर्यातक संघ