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Karnal News: चौराहों के सीसीटीवी खराब, निगरानी घटने से बढ़ा अपराध

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- सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में उठा मुद्दा, चौराहों के 233 में से 80 कैमरे खराब, ऑनलाइन चालानिंग भी केवल ट्रैफिक लाइट तोड़ने और हेलमेट तक सीमित
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। करोड़ों रुपये खर्च करके शहर के चौराहों पर सीसीटीवी लगाए गए। ताकि अपराध पर नियंत्रण हो और यातायात नियमों की अवहेलना करने वालों पर भी शिकंजा कसा जा सके। लेकिन कर्ण नगरी के कैमरे काफी समय से खराब हैं, ऐसे में अपराध और ट्रैफिक नियमों की अवहेलना बढ़ी है। मई माह में चालानिंग भी बेहद कम हुई।

इसका खुलासा तब हुआ जब सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सीसीटीवी से चालानिंग का मुद्दा उठा। इस दौरान एडीसी अखिल पिलानी ने जब आईसीसीसी और पुलिस से जवाब मांगा तो बताया गया कि शहर में चौराहों पर लगे 233 में से 80 सीसीटीवी खराब हैं। इस पर एडीसी ने स्मार्ट सिटी, नगर निगम व पुलिस अधिकारियों को शीघ्र कैमरे ठीक कराने के निर्देश दिए।
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लघु सचिवालय में एडीसी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गैर सरकारी सदस्यों ने सीसीटीवी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि सड़कों की हालत खराब है और पुलिस ऑनलाइन चालान करके कार्रवाई कर रही है, पहले सड़कों को दुरुस्त करते हुए जैबरा क्रॉसिंग भी बनवाएं। इसके बाद अधिकारियों ने रिपोर्ट प्रस्तुत की कि ऑनलाइन चालानिंग केवल लाल बत्ती में सड़क पार करने और बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर ही की जा रही है। जैबरा क्रॉसिंग मिटने के कारण 15 अप्रैल से इसकी ऑनलाइन चालानिंग बंद है।
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बैठक में शहर में बेतरतीब तरीके से ई-रिक्शा के चलने का मुद्दा भी उठा। इस पर एडीसी ने ई-रिक्शा यूनियन की एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक करके नियमों के प्रति जागरूक करने और इसके एक सप्ताह बाद नियम तोड़ने वाले ई-रिक्शा चालकों के ऑनलाइन चालान करने के डीएसपी को निर्देश दिए।


इस माह ट्रैफिक पुलिस ने ये की कार्रवाई

- अप्रैल : 1744400 रुपये के चालान किए। सर्वाधिक बिना हेलमेट के 2766 चालान हुए।

- मई : 735100 रुपये के चालान किए। सर्वाधिक गलत पार्किंग के 76 चालान हुए।

- जून : 760600 रुपये के चालान किए। रुपये के चालान किए। सर्वाधिक लेन बदलने के 1213 चालान हुए।
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