- अब भी भाजपा के मनोहर रोहतक, कांग्रेस के दिव्यांशु सोनीपत और जजपा के देवेंद्र पानीपत के निवासी ही चुनावी मैदान में
- आजादी के बाद 18 बार हो चुका लोकसभा चुनाव, करनाल-पानीपत जिले की संयुक्त सीट पर पानीपत निवासी भी दो बार ही जीते
गगन तलवार
करनाल। संसदीय सीट करनाल यूं तो देश के पहले लोकसभा चुनाव के समय से ही है, लेकिन आज तक करनाल में जन्मा कोई भी नेता इस सीट से संसद तक नहीं पहुंच पाया है। आजादी के बाद से लेकर अब तक 18 बार लोकसभा चुनाव हुए हैं, लेकिन हर बार बाहरी प्रत्याशी पर लोगों ने भरोसा जताया है।
25 मई को होने वाले 19वें लोकसभा चुनाव में भी करनाल सीट हॉट सीट के रूप में चर्चा में है। यहां से भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को चुनावी मैदान में उतारा है। लेकिन ये भी मूलरूप से रोहतक के रहने वाले हैं। हालांकि नामांकन में उन्होंने स्वयं को प्रेमनगर का निवासी बताया है और उनका घर व जमीन रोहतक में ही है। इसी तरह कांग्रेस ने भी पंजाबी कार्ड खेलते हुए दिव्यांशु बुद्धिराजा को टिकट दिया है, दिव्यांशु सोनीपत के गोहाना के रहने वाले हैं।
वहीं जजपा ने पानीपत के देवेंद्र कादियान को टिकट दिया है। हालांकि देवेंद्र संसदीय क्षेत्र के जिले से हैं, पर जिस जिले के नाम पर यह सीट है, प्रमुख पार्टियों ने यहां का कोई भी निवासी प्रत्याशी नहीं बनाया है। अब तक हुए चुनावों के परिणामों पर नजर डालें तो करनाल-पानीपत जिले की संयुक्त रूप से करनाल सीट पर पानीपत निवासी भी महज दो बार ही सांसद बने हैं। 1967 और 1971 में माधोराम शर्मा व 2019 में पानीपत निवासी संजय भाटिया इस सीट से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे। इसके अलावा कभी कोई भी स्थानीय प्रत्याशी यहां से चुनाव नहीं जीता।
दो बार पाकिस्तान निवासी बने सांसद
करनाल सीट पर दो बार ऐसे नेता भी सांसद बने हैं, जिनका गांव वर्तमान में पाकिस्तान का हिस्सा है। पहली बार में एक साथ दो सांसद चुने गए थे, इनमें 1956 में सांसद बनीं सुभद्रा जोशी मूल रूप से सियालकोट वर्तमान में पाकिस्तान और 1998 में भजन लाल जो कि बहावलपुर वर्तमान में पाकिस्तान के गांव में जन्मे। हालांकि दोनों ने क्षेत्र के विकास के लिए काफी काम किया। इसके अलावा चार बार के सांसद पंडित चिरंजीलाल शर्मा भी मूलरूप से सोनीपत के निवासी हैं।
इस सांसद का यह है जन्म स्थान
वर्ष
सांसद
जन्म स्थान
1952
वीरेंद्र कुमार सत्यवादी
देहरादून
1956
सुभद्रा जोशी
सियालकोट, पाकिस्तान
1962
स्वामी रामेश्वरदत्त
उत्तराखंड
1967, 71
माधोराम शर्मा
पानीपत
1977
भगवत दयाल शर्मा
रोहतक
1978
मोहिंदर सिंह
पंजाब
1980, 84, 89, 91
चिरंजीलाल शर्मा
आहूलाना, सोनीपत
1996, 99
आईडी स्वामी
अंबाला
1998
भजन लाल
बहावलपुर, पाकिस्तान
2004, 09
अरविंद शर्मा
रोहतक
2014
अश्विनी चोपड़ा
दिल्ली
2019
संजय भाटिया
पानीपत