- सामान्य पात्रता परीक्षा के लिए परिवहन विभाग की ओर से बसों को आरक्षित करके दूसरे जिलों के लिए चलाया जाएगा
- ग्रामीण अभ्यर्थी कैसे पहुंचेंगे शहर, विभाग ने व्यवस्था बनाते समय नहीं रखा ध्यान, युवाओं को खुद करना होगा इंतजाम
371 बसें अभ्यर्थियों के लिए चलाई जाएंगी
गगन तलवार
करनाल। सीईटी यानी सामान्य पात्रता परीक्षा के लिए परिवहन विभाग की ओर से बसों को आरक्षित करके दूसरे जिलों के लिए बस स्टैंड से चलाया जाएगा। परीक्षा के लिए भारी संख्या में विद्यार्थियों को दूसरे जिलों तक ले जाना सरकार और विभाग की प्राथमिकता है। ऐसे में सभी बसों काे इन्हीं छह मार्गों के लिए आरक्षित रखते हुए विभाग ने दो दिन ग्रामीण और इंटर स्टेट मार्गों पर बस सेवा बंद रखने का निर्णय लिया है।
21 और 22 अक्तूबर को होने वाली परीक्षा के लिए विभाग की बस सेवा सुबह चार बजे से शुरू हो जाएगी, लेकिन उन अभ्यर्थियों के लिए बस स्टैंड तक पहुंचना दिक्कत भरा होगा। जो कस्बों या दूर के गांवों में रहते हैं। क्योंकि भीड़ को ध्यान में रखते हुए सुबह से ही छह मार्गों पर 20-20 से ज्यादा बसें आरक्षित की गई हैं। सभी बसें पुराने बस स्टैंड से ही चलेंगी। जबकि कस्बों व गांवों के लिए बस सेवा बंद जैसी ही मानी गई है।
व्यवस्था बनाते हुए विभाग की ओर से इस बात का बिल्कुल भी ध्यान नहीं रखा गया कि ग्रामीण अभ्यर्थी सुबह बस स्टैंड पर कैसे पहुंचेंगे। ऐसे में अभ्यर्थियों को खुद इंतजाम करना होगा। या तो वे अपने स्तर पर निजी वाहन से बस स्टैंड पहुंचेंगे या वे शहर में रात्रि ठहराव करेंगे। ज्यादा दिक्कत उन अभ्यर्थियों के लिए है, जिनकी सुबह के सत्र में परीक्षा है। करनाल में 75 ग्रामीण मार्गों और 25 इंटरस्टेट मार्ग पर पर बसें चलती हैं। जबकि परीक्षा के लिए दोनों दिन ज्यादातर बसें रिजर्व की गई हैं। इधर, प्रशासन की अपील है कि दो दिन यदि जरूरी न हो तो आमजन सफर करने से बचें।
प्रवासी विद्यार्थी केंद्र पर पहुंचने के लिए करें इंतजाम
करनाल में कई अभ्यर्थी ऐसे भी हैं, जो मूल रूप से दूसरे जिलों के रहने वाले हैं। इन अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र करनाल के विद्यार्थियों के लिए केंद्र बने जिले चंडीगढ़, पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, पानीपत और यमुनानगर को छोड़कर अन्य जिलों में बना है। ऐसे में इन्हें अपने केंद्र तक पहुंचने के लिए पूर्व में ही व्यवस्था करनी चाहिए। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से ऐसे अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र उनके पते में दिए मूल जिले के हिसाब से दिया गया है। बस स्टैंड पर पहुंचे पानीपत के अंकित को गुरुग्राम, एक अन्य युवती का केंद्र भी जींद था। अब ऐसे में इन्हें परीक्षा के दिन पुराने बस स्टैंड से बस नहीं मिलेगी।
क्या है रोडवेज की व्यवस्था
जिले में रोडवेज और परिवहन विभाग की ओर से स्कूल बसें मिलाकर कुल 371 बसें चलाई जाएंगी। इनमें 100 बसें केवल बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन से जिले के परीक्षा केंद्रों पर पहुंचाने के लिए चलाया जाएगा। जबकि अन्य सभी बसें जिले के अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए नॉन स्टॉप छह जिलों के लिए चलेंगी। बाहर से आने और जाने वाले अभ्यर्थियों को संबंधित केवल 12 मार्ग पर ही करनाल के बस अड्डे से बस सेवा दी जाएगी। बस जिस जिले के लिए आरक्षित होकर चलेगी, केवल वहीं जाएगी। रास्ते में किसी भी जिले या बस स्टैंड पर बस का ठहराव नहीं होगा। प्रवेश पत्र दिखाकर ही अभ्यर्थी सफर कर सकते हैं। विदित हो कि करनाल रोडवेज के बेड़े में 145 बसें हैं, जबकि 109 बसें निजी चल रही हैं। ऐसे में व्यवस्था बनाने के लिए विभाग की ओर से 117 स्कूली बसों को भी मार्गों पर दौड़ाया जाएगा।
50 केंद्रों के लिए बनाए 12 मार्ग
करनाल जिले में 50 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की जाएगी। बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों को केंद्र तक पहुंचाने के लिए शटल बस चलाई जाएंगी। इसके लिए 100 बसें निर्धारित की गई हैं। जो रेलवे स्टेशन और बस अड्डे से केंद्रों तक जाएंगी। विभाग ने नई योजना बनाते हुए अब 12 बड़े मार्ग बनाए हैं। जिनमें सभी 50 केंद्रों को शामिल किया गया है। एक मार्ग पर चलने वाली बस इस रूट से संबंधित प्रत्येक केंद्र पर अभ्यर्थियों को छोड़ेगी। वहीं, दोनों दिन प्रत्येक सत्र में 150 बसें करनाल के अभ्यर्थियों से जुड़े छह मार्गों पर रवाना होंगी।
अभ्यर्थियों को उनके परीक्षा से संबंधित जिले में पहुंचाना दोनों दिन हमारी प्राथमिकता रहेगी। इसी को ध्यान में रखते हुए करनाल के अभ्यर्थियों से संबंधित छह मार्गों पर बसों की व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीण और इंटर स्टेट मार्ग पर बस सेवा पर्याप्त नहीं दे पाएंगे। यदि बसें खाली रहीं तो ही सामान्य बस सेवा दी जा सकती है।
- कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज