- आज भी छाए रह सकते हैं बादल, बूंदाबांदी की संभावना, किसानों को नुकसान नहीं
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव से मौसम में सोमवार सुबह से ही बदलाव दिखा। दिनभर आसमान पर बादल छाए रहे। कहीं-कहीं बूंदाबांदी भी हुई। जिससे अधिकतम तापमान में पांच डिग्री सेल्सियम तक की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आया है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अभी 28 नवंबर को भी ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना है। इसके बाद मौसम आमतौर पर खुश्क हो सकता है।
रविवार की शाम को हवाएं चलीं, लेकिन इसके बाद मौसम में बदलाव आना शुरू हो गया। रात को बादलों की आवाजाही भी शुरू हो गई। सोमवार की सुबह से ही आसमान पर बादलों का घेरा है। परिणाम ये रहा कि सूर्य की किरणें दिनभर जमीन तक नहीं पहुंचीं। हालांकि सूर्य दिनभर बादलों की ओट से आंख मिचौनी खेलता नजर आया। धूप नहीं निकलने के कारण दिन के तापमान में गिरावट दर्ज की गई। रविवार को अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस था। शाम को हल्की बूंदाबांदी के बाद 21.8 डिग्री सेल्सियस तक चला गया है। हालांकि न्यूनतम तापमान में कोई खास बदलाव नहीं आया, ये तापमान आंशिक बढ़ोतरी के साथ 11.2 से 11.5 डिग्री सेल्सियस रहा।
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्व विद्यालय के मौसम विभागाध्यक्ष डॉ. मदन खीचड़ के अनुसार मौसम में ये बदलाव एक पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण आया है। जिससे 27 व 28 नवंबर को बादलों का घेरा और कहीं-कहीं बूंदाबांदी की स्थिति बन रही है, लेकिन बारिश की संभावना नहीं है। इसके बाद आमतौर पर मौसम खुश्क बना रह सकता है।
किसान शीघ्र करें बिजाई
भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. ज्ञानेंद्र सिंह बताते हैं कि किसानों के लिए कोई चिंता की बात नहीं है। अधिकतर किसान गेहूं की बिजाई कर चुके हैं, जो रह गए हैं, वह शीघ्रता से बिजाई करें। ये तो हल्की बूंदाबांदी है, लेकिन यदि हल्की बारिश भी होती है तो तब तक खेत में मिट्टी की ऊपरी सतह पर पपड़ी न जमे तब तक गेहूं के अंकुरण में कोई परेशानी नहीं है। खेत में जलभराव आदि से ऊपरी सतह सख्त नहीं होनी चाहिए।