कांटा रिपेयरिंग लाइसेंस रद्द करने की धमकी देकर 12500 रुपये रिश्वत लेने के आरोपी नाप तोल विभाग के इंस्पेक्टर को जिला अदालत ने चार साल कैद और जुर्माने की सजा सुनाई है। विजिलेंस इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि 30 अप्रैल 2014 को सुमेश वासी पानीपत मलिक मैसर्स सुमेश इंजीनियरिंग वर्कर्स कैथल रोड के पास कांटा रिपेयर करने का लाइसेंस था। कांटा रिपेयरिंग के एवज में माप तोल विभाग के निरीक्षक रमेश चंद्र कौशिक उससे बिल का आधा हिस्सा मांग रहा था और ऐसा न करने पर लाइसेंस रद्द करने की धमकी दे रहा था। शिकायत मिलने के बाद तत्कालीन निरीक्षक सतनारायण शर्मा के नेतृत्व में विजिलेंस ने टीम का गठन कर आरोपी इंस्पेक्टर को 12500 रुपये रिश्वत लेते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया था। जसबीर सिंह अतिरिक्त सेशन जज ने आरोपी को दोषी करार देते हुए धारा सात भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम में तीन वर्ष की कैद व 10 दस हजार रुपये जुर्माना व धारा 13 भ्रष्टाचार उन्मूलन अधिनियम में चार वर्ष की कैद और दस हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है। इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि राज्य चौकसी ब्यूरो के महानिदेशक यशपाल सिंघल व अतिरिक्त महानिदेशक राज्य चौकसी ब्यूरो आरसी मिश्रा द्वारा भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त रुख अपनाया गया है।