करनाल। कर्णनगरी में 122 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाला टी-फ्लाईओवर प्रोजेक्ट फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। यह प्रोजेक्ट शहर के व्यापारियों व दुकानदारों के हस्तक्षेप के कारण धरातल पर काम रोक दिया गया है। अब इसके निर्माण के लिए फिर से सरकार व दुकानदारों के बीच वार्ता होगी। इधर अधिकारियों का कहना है कि प्रोजेक्ट पर पूरी तरह से काम बंद करने को लेकर लिखित में आदेश नहीं आए हैं।
फिलहाल केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने टी-फ्लाईओवर के प्रोजेक्ट निर्माण से इनकार किया है, उससे जाहिर होता है कि फ्लाईओवर का निर्माण मुश्किल होगा। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर में जनता की सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों की सूची को देखा जाए तो टी फ्लाईओवर उनमें बड़ा प्रोजेक्ट है। इस फ्लाईओवर निर्माण के जरिए शहर में जाम की समस्या के समाधान का भरोसा दिलवाया गया था।
स्मार्ट सिटी ने इस प्रोजेक्ट के डिजाइन पर लाखों रुपए खर्च हुए लेकिन धरातल पर स्थिति ज्यों की त्यों ही रही। शहर में बनने वाले टी फ्लाईओवर के निर्माण कार्य के लिए लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले पूर्व सीएम मनोहर लाल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सात मार्च को इसका शिलान्यास किया था। इस फ्लाईओवर के निर्माण के लिए 122 करोड रुपए की लागत खर्च की जानी थी।
निर्माण कंपनी की ओर से पुरानी सब्जी मंडी के सामने साइन बोर्ड भी लगाए गए लेकिन वह इंतजाम भी धरे के धरे रह गए। हालांकि बिजली निगम की ओर से पहले चरण में 83 लाख रुपए की लागत से खंभों, लाइनों व ट्रांसफार्मर का कायाकल्प करवाया गया और दूसरे चरण में पांच करोड़ 33 लाख रुपये की लागत से शहर की बिजली लाइनों को भूमिगत किया जाना था। संवाद
प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने से जाम से मिलती निजात
शहर में यह परियोजना सिरे चढ़ जाती तो शहर के मुख्य चौक घंटा-घर, आंबेडकर चौक, पुरानी सब्जी मंडी चौक, रेलवे रोड चौक, पुराने बस स्टैंड के सामने रोजाना लगने वाले जाम की समस्या से निजात मिल जाती। लोगों का कहना है कि जाम की समस्या से निजात दिलवाने के लिए सरकार व जिला प्रशासन की ओर से निर्णय लेने की आवश्यकता है।