संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गोरिश बॉक्सिंग की अलग-अलग प्रतियोगिताओं में पदक जीत कर प्रदेश व जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नाम चमका रहे हैं। महज 12 साल की आयु में बॉक्सिंग शुरू करके तीन साल के निरंतर अभ्यास के साथ उन्होंने अपना पहला पदक जीता था। गोरिश ने बताया कि जब वह 12 साल के थे, तो उनके पिता ने बॉक्सिंग सिखने के लिए कर्ण स्टेडियम में कोच सुरेंद्र के पास भेज दिया था। तीन साल के निरंतर अभ्यास के बाद वर्ष 2015 में उन्होंने प्रदेश स्तर पर अपना पहला स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने बताया कि 2017 में हरियाणा बाक्सिंग संघ के पदाधिकारियों ने उनका खेल देखा और उनकी तरफ से आयोजित प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया। 2017 में उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर हरियाणा की ओर से खेलते हुए स्वर्ण पदक जीता। जिसके बाद वह चोटिल हो गए और उनको अपना खेल रोकना पड़ा। गोरिश अमेरिकी मुक्केबाज फ्लॉयड जॉय मेवेदर को आदर्श मानते हैं और ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना चाहते हैं।
उपलब्धियां
2025 में राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक
2024 में प्रदेश स्तर पर स्वर्ण पदक
2024 में राष्ट्रीय स्तर पर कांस्य पदक
2023 रोहतक में रजत पदक
2022 में फरीदाबाद में रजत पदक