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आरक्षण को खत्म करना चाहती हैं भाजपा और कांग्रेस : मायावती

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- बसपा सुप्रीमो मायावती ने असंध में चुनावी जनसभा को किया संबोधित
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- भाजपा-कांग्रेस पर दलितो, आदिवासियों, अन्य पिछड़ों का उत्पीड़न करना का लगाया आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
असंध (करनाल)। बसपा इनेलो गठबंधन की चुनावी रैली को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने आरक्षण के वर्गीकरण के मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ये दोनों पार्टियां आरक्षण को खत्म करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि जब तक इसमें संशोधन नहीं हो जाता है, तब तक आरक्षण के वर्गीकरण को बसपा रोक कर रखेगी। भाजपा की केंद्र सरकार दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों सहित गरीबों का उत्पीड़न कर रही है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में बसपा-इनेलों की सरकार बनने पर इनेलो के प्रधान महासचिव अभय सिंह चौटाला मुख्यमंत्री बनेंगे, दलित और अन्य पिछड़ा वर्ग से दो डिप्टी सीएम भी बनेंगे। असंध सीट से बसपा-इनेलो के प्रत्याशी गोपाल राणा के समर्थन में अनाज मंडी में आयोजित चुनावी जनसभा में मायावती ने कहा कि देश को आजाद हुए, संविधान को लागू हुए वर्षों बीत गए लेकिन कांग्रेस व भाजपा की नेतृत्व वाली सरकारों में उनकी गलत नीतियों के कारण दलितों आदिवासियों और मुसलमानों के साथ गरीबों, व्यापारियों, किसानों को आरक्षण का पूरा लाभ नहीं मिल पाया।
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एक अगस्त 2024 को सुप्रीम कोर्ट ने आरक्षण का भी वर्गीकरण करने का आदेश दे दिया। क्रीमी लेयर व्यवस्था को भी बांट दिया। पहले अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को जो आरक्षण का पूरा लाभ मिलता था अब उसे कई हिस्सों में बांट दिया गया, जिससे भाजपा और कांग्रेस जैसी पार्टियां अब इसका लाभ चुपके से सामान्य वर्गों को दे देंगी। उन्होंने कहा कि जब ये आदेश आया तो भाजपा और कांग्रेस ने इसका स्वागत किया जबकि यह अनुसूचित जाति एवं जनजाति को आपस में लड़ने का काम है। जिसका फायदा अन्य पार्टियां उठाएंगी। एक दिन ऐसा भी आएगा जब आरक्षण खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीयत साफ होती तो वह संसद में संशोधन के लिए प्रस्ताव लाती। इंडिया गठबंधन ने भी संशोधन के लिए कोई दबाव केंद्र सरकार पर नहीं बनाया।
मायावती ने कहा कि खास बात यह भी है कि कोर्ट ने क्रीमी लेयर लागू करने का कार्य राज्य सरकार पर छोड़ दिया है। अब जो भी राज्य सरकार होगी वह अपने हिसाब से इसका लाभ देगी और विभिन्न जातियों को आपस में लड़ाएगी, जबकि यह अधिकार पहले राष्ट्रपति के पास था।
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मायावती ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस की सरकारों ने कभी भी आरक्षण का कोटा पूरा नहीं किया। प्राइवेट सेक्टर में भी आरक्षण की व्यवस्था नहीं की सिर्फ पूंजी पतियों धन्नासेठों को ही इसका लाभ दिया जा रहा है। कांग्रेस की हीन और जातिवादी मानसिकता झलकती है। उन्होंने कहा कि जब मान्यवर कांशीराम का निधन हुआ था तो कांग्रेस सरकार ने एक दिन का भी शोक तक घोषित नहीं किया था।हरियाणा में किसान और मेहनतकश लोग सुखी नजर नहीं आ रहें हैं। यह भाजपा और कांग्रेस सरकारों की जन विरोधी नीतियों का ही परिणाम है।
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