- नौ नवंबर को कुरुक्षेत्र में इमिग्रेशन एजेंट के घर पर चलाई थी गोली
- रंगदारी न देने पर पीड़ित के घर में धमकी भरी पर्ची फेंकने वाला निशाने पर
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। विदेश में बैठे लॉरेंस बिश्नोई के भाई गैंगस्टर अनमोल ने नौ नवंबर को कुरुक्षेत्र के सेक्टर-तीन निवासी इमिग्रेशन एजेंट पर रंगदारी न देने पर फायरिंग कराई थी। इससे पूर्व रंगदारी न देने पर गैंग से जुड़े सदस्यों ने घर पर पर्ची डालकर धमकी दी थी। इस मामले में पुलिस ने गैंग के दो शूटरों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है। रिमांड के चौथे दिन एसटीएफ ने शूटरों से वारदात में शामिल बाइक बरामद की है।
इसके अलावा एजेंट के घर पर धमकी भरी पर्ची डालने वाले गैंग के तीसरे सदस्य की पहचान कर ली है। सूत्रों की मानें तो तीसरा आरोपी भी एसटीएफ ने हिरासत में ले लिया है। हालांकि एसटीएफ ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।
बताते हैं कि घरौंडा के बस स्टैंड से गत शुक्रवार को एसटीएफ ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटरों को गिरफ्तार किया था। नौ नवंबर को कुरुक्षेत्र के सेक्टर तीन में इमिग्रेशन एजेंट के घर पर आरोपी दीपक और अमन ने गोलियां चलाई थी। दोनों शूटरों को लॉरेंस के भाई अनमोल ने इमिग्रेशन एजेंट पर गोलियां चलाने के लिए पांच लाख रुपये देने का वादा किया था। गिरफ्तारी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक-एक 32 बोर की अवैध पिस्तौल भी बरामद की गई थी।
इमिग्रेशन एजेंट सतेंद्र पाल को पिछले करीब दो माह से लॉरेंस के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई और आशु के नाम से विदेशी नंबर से फोन आ रहे थे। इसमें उससे दो करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी जा रही थी। जिसके चलते उसे पुलिस सुरक्षा भी मिली थी। अमेरिका में रह रहे अनमोल बिश्नोई ने सतेंद्र पर गोलियां चलाने के लिए घरौंडा के कालरम गांव निवासी दीपक और अमन से करार किया था। इन दोनों शूटरों की उम्र महज 20 से 22 वर्ष है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग के सदस्यों को रिमांड पर लेकर बाइक बरामद कर ली है। साथ ही एजेंट के घर पर पर्ची फेंकने वाले तीसरे आरोपी की पहचान की गई है। एक-दो दिन के भीतर उसे गिरफ्तार कर वारदात का और खुलासा किया जाएगा।
- दीपेंद्र सिंह, इंचार्ज, एसटीएफ, अंबाला