नीलोखेड़ी/करनाल। हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि हर राष्ट्रभक्त भारतीय को अब स्वदेशी अपनाने का संकल्प लेना है। यह आवश्यक है कि हमारी भाषा, भूषा, भजन, भोजन और भ्रमण के साथ भवन भी स्वदेशी हों। वे संस्थान में चल रहे महात्मा गांधी नरेगा एवं डे-एनआरएलएम के अंतर्गत कृषि-पोषण उद्यान, मोरिंगा वृक्षारोपण (श्रेणी-सी कार्य) व उन्नति विषय पर तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने आह्वान किया कि हरियाणा के ग्रामीण अंचल में घर-घर पोषण वाटिकाएं बननी चाहिए ताकि हमारा भोजन जहर मुक्त और पोषणयुक्त हो। इसमें प्रदेश के छह जिलों से अतिरिक्त खंड व कार्यक्रम अधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय से डॉ. विजय अरोड़ा, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास संस्थान हैदराबाद से सहायक प्रोफेसर डॉ. अनुराधा पाला, गोहाना के महमूदपुर से सहजन की खेती करने वाले किसान व ग्रामीण, विकास विभाग हरियाणा के अधिकारियों ने विशेषज्ञ के रूप में प्रशिक्षण दिया। संवाद