मूनक। पाढ़ा स्थित राजकीय कन्या महाविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा की जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया गया। डॉ. विजय ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल स्वतंत्रता सेनानी नहीं, बल्कि एक विचार और प्रेरणास्रोत थे, जिनका उलगुलान (महान विद्रोह) जल, जंगल और जमीन पर आदिवासी अधिकारों की रक्षा के लिए था। उन्होंने आदिवासी समुदाय को एकजुट किया और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जागरूक और अपने अधिकारों के लिए लड़ने को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि यह दिन हमें याद दिलाता है कि भगवान बिरसा मुंडा का बलिदान व्यर्थ नहीं गया है। संवाद