संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रोहतक पीजीआई में काम करने वाले कर्मचारी तीन अक्तूबर से जिला सचिवालय के सामने धरने पर बैठे हैं। कर्मचारियों की मांगों की कोई सुनवाई नहीं होने से उनमें रोष बढ़ता जा रहा है। अनुबंध कर्मचारी हेल्थकेयर रोहतक एसोसिएशन का कहना है कि कर्मचारियों को बड़ा आंदोलन करने के लिए मजबूर किया जा रहा है। सुरेंद्र और सविता ने कहा कि पीजीआईएमएस रोहतक में कार्यरत 1,271 कर्मचारियों को एचकेआरएन पोर्टल से जोड़े जाने की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि हरियाणा के कई कर्मचारियों को एचकेआरएन से जोड़ा गया है, तो हमारी अनदेखी क्यों की गई। गत 26 सितंबर को रोहतक से पैदल मार्च की शुरूआत की गई थी। 29 सितंबर की शाम को वह करनाल पहुंचे। यहां जाट धर्मशाला में पुलिस प्रशासन ने उन्हें नजरबंद करके रखा। चंडीगढ़ की ओर नहीं बढ़ने दिया। दूसरी ओर रोहतक में हड़ताल और धरना जारी है। एसोसिएशन ने जॉब सिक्योरिटी पत्र जारी करने की मांग भी की है। इस दौरान सुरेंद्र, सविता, ईश्ववंती, रीना, तस्वीर, उर्मिला, सुरेंद्र, नीलम, रविंद्र, बलराज व मनीष आदि मौजूद रहे।