रविवार को इंद्री बस स्टैैंड पर एक नाटकीय घटना घटी। एक युवक जिस बस में सवार होकर आया था उसी बस के कंडक्टर ने अपने साथियों के साथ मिलकर उस युवक को बुरी तरह पीटा। जब आसपास के लोगों ने इस बात का विरोध किया तो कंडक्टर और उसके साथियों ने युवक पर उसके बैग में हाथ डालने का आरोप लगा दिया। लेकिन सवारियों ने उस युवक को निर्दोष बताकर कंडक्टर का विरोध करते हुए कहा कि यह कंडक्टर बस में एक विकलांग लड़के के साथ बदतमीजी कर रहा था, जिसका इस पीड़ित लड़के ने विरोध किया।
इस बात से खफा होकर कंडक्टर ने इसके साथ झगड़ा किया, लेकिन इससे भी जब इसका मन नहीं भरा तो उसने इंद्री बस स्टैंड पर अपने साथियों को बुला लिया। जैसे ही बस स्टैंड पर बस पहुंची तो इसने अपने साथियों के साथ मिलकर इस पीड़ित लड़के की थप्पड़, लातों और घूसों के साथ बुरी तरह से पिटाई कर दी। वहीं जब बीच बचाव करने लोग पहुंचे तो इन्होंने लड़के को चोर बना दिया।
कंडक्टर ने कहा कि ये मेरे थैले से पैसे चुरा कर भाग रहा था। दूसरी तरफ पीड़ित लड़के ने कहा कि मेरी जेब से 430 रुपये गायब हैं। ऐसे में सवारियों ने लड़के के पक्ष में आ जाने के बाद और मौके पर पहुंची पुलिस के सामने कंडक्टर ने रंग बदल लिया। समझौता करते हुए 430 रुपये पीड़ित लड़के को दे दिए। सवारियों ने उस बस में न जाने का भी विरोध किया, लेकिन ये पूरा मामला बस परिचालकों के रवैये पर सवालिया निशान छोड़ गया।