करनाल। जन्मदिन हो या कोई त्योहार, इस बार राजकीय स्कूलों के विद्यार्थी त्रिवेणी लगाकर धरती का शृंगार करेंगे। मानसून की बारिश शुरू हो चुकी है। इस मौसम में अगर पौधे लगाए जाए तो जल्दी ही तैयार होते हैं। इसी बात को ध्यान में रखकर शिक्षा निदेशालय ने राजकीय स्कूलों में त्रिवेणी लगाने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार गर्मी की छुट्टियों के बाद आज से स्कूल खुल जाएंगे। इसके बाद एक माह तक स्कूलों में पौधरोपण अभियान चनाया जाएगा। शिक्षा निदेशालय की ओर से सभी सरकारी स्कूलों में त्रिवेणी लगवाना आवश्यक कर दिया है और प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग का ये अभियान चलाने का उद्देश्य सभी विद्यार्थियों को अपने जन्मदिन और अन्य अवसरों पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित करना है। इससे विद्यार्थी पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक भी हो सकेंगे। शिक्षा विभाग के इस अभियान में वन विभाग भी सहयोग देगा और स्कूलों में पौधे बांटेगा। ताकि क्षेत्र को हरा-भरा बनाया जा सकें। स्कूलों में पौधगिरी स्कीम के तहत पौधे लगाए जाएंगे। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों के मुखियाओं को निर्देश दिए हैं कि उनके विद्यालय में भले ही पहले से त्रिवेणी लगी हो लेकिन इस वर्ष भी प्रत्येक विद्यालय में त्रिवेणी लगाना सुनिश्चित करें। जिले में 779 राजकीय स्कूल हैं, जहां डेढ़ लाख से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ते हैं। ब्यूरो
31 जुलाई को भेजनी होगी रिपोर्ट
स्कूलों में त्रिवेणी यानी पीपल, बरगद और नीम के पौधे लगाने होंगे। स्कूल में त्रिवेणी लगाने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारियों की ड्यूटी लगाई है। त्रिवेणी लगाने के बाद शिक्षा निदेशालय को 31 जुलाई तक इसकी रिपोर्ट भी भेजी जाएगी। ऐसे में प्रत्येक स्कूल को रिपोर्ट में अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
पौधे लगाने के लिए शिक्षक करेंगे प्रेरित
जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल ने बताया कि स्कूलों में वन विभाग पौधगिरी योजना के तहत एक लाख पौधे देगा। विद्यार्थियों को पौधे लगाने के लिए शिक्षक प्रेरित करेंगे। अपने जन्मदिन पर पौधे लगाकर उसकी देखभाल का संकल्प भी दिलवाएंगे। इसके अलावा शिक्षक भी त्रिवेणी लगाएंगे। पर्यावरण संरक्षण के लिए यह जरूरी भी है।
त्रिवेणी रोपित करने के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं। खंड शिक्षा अधिकारी स्कूलों से रिपोर्ट लेंगे। प्रत्येक स्कूल में विद्यार्थियों और शिक्षकों द्वारा त्रिवेणी लगाई जाएगी। - राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी।