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सावधान, दिल्ली का एक्यूआई बढ़ा तो यहां भी बढ़ेगी सख्ती

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करनाल। सावधान हो जाइये, क्योंकि दिल्ली की हवा जहरीली होने लगी है। वहां का एक्यूआई स्तर 200 के पार होने वाला है। यदि यह नहीं थमा तो करनाल के लोगों को भी पाबंदियों का सामना करना पड़ेगा, भले ही यहां का एक्यूआई बेहतर या मध्यम रहे। हालांकि बढ़ते प्रदूषण स्तर को देखते हुए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने एक अक्तूबर से ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू कर दिया है, जिसके तहत जेनरेटर व कोयला संचालक उद्योगों पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों को अलग अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई। इसके साथ ही नाइट पेट्रोलिंग को भी शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड करनाल के क्षेत्रीय अधिकारी शैलेंद्र अरोड़ा ने बताया कि अभी दिल्ली का एक्यूआई 198 है, यदि यह 200 से पार होता है, तो एनसीआर क्षेत्र के करनाल सहित सभी जिलों में प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। बात सिर्फ करनाल जिले के नहीं है, गनीमत है कि करनाल का एक्यूआई अभी तक काफी बेहतर स्थिति में है, लेकिन कार्रवाई तो दिल्ली के एक्यूआई स्तर के आधार पर भी होनी है, इसलिए कई प्रतिबंधों को फिलहाल लागू कर दिया गया है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कुछ नए आदेश भी एनजीटी के कमीशन फार एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के आदेशों के अनुपालन में जारी किए हैं। इसके लिए सभी विभागों को अपने अपने क्षेत्र की जिम्मेदारियां दी गई हैं। जो भी पराली जलाने या फिर कूड़ा आदि जलाने के मामले सामने आएंगे, उन पर चालान व एफआईआर आदि की कार्रवाई की जाएगी। निर्माण को लेकर भी दिशा निर्देश दिए गए हैं कि यदि 500 वर्ग मीटर या उससे अधिक के क्षेत्र में भवन निर्माण कर रहा है तो उसे डस्ट कंट्रोल एप पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। अन्यथा उस पर कार्य बंद कराने व भारी जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम को भी कहा गया है कि दो बार मैकेनिकल स्वीपिंग मशीन चलाकर सफाई कराई जाएगी। सड़कों आदि पर छिड़काव, निर्माण सामग्री को ढककर रखना अनिवार्य होगा।
अंकुश लगाने के लिए जिला में ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पोंस एक्शन प्लान) एक अक्तूबर से लागू हो गया है। इसके तहत उद्योंगो में कोयला जलाने और जेनरेटर सेट चलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। सी एंड डी वेस्ट पर भी प्रतिबंध है, क्योंकि धूल-मिट्टी हवा में मिलकर उसकी सेहत खराब कर देती है। वायु गुणवत्ता सूचकांक यदि 200 पार कर जाए, तो वह पर्यावरण के लिए अच्छा नहीं होता, इससे मनुष्य के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने बताया कि सी एंड डी वेस्ट जैसे वॉयलेशन पर नजर रखने के लिए जिला में सभी एसडीएम की अध्यक्षता में उडऩदस्ते बनाए गए हैं, जिसमें डीडीपीओ और पुलिस अधिकारी तथा नगर निगम/पालिकाएं निगरानी करेंगी और दोषी व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करेंगे।
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