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एटीएम तोड़ निकाल रहे कैश, अब तक 2.54 लाख की लगाई चपत

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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। केनरा बैंक के एटीएम से छेड़छाड़ कर 2.54 लाख रुपये निकालने का मामला सामने आया है। खास बात यह है कि यह कोई एक दिन में नहीं हुआ, बल्कि आरोपी पिछले कई महीनों से एटीएम में सेंधमारी कर रहे थे। लगातार एटीएम में रुपये कम होने के बाद हरकत में आए एजेंसी अधिकारियों ने जांच पड़ताल की तो खुलासा है। कंपनी के चैनल मैनेजर की ओर से दी गई शिकायत के बाद रामनगर थाने में केस दर्ज कर पुलिस जांच पड़ताल कर रही है।
बेगमपुर वेस्ट दिल्ली निवासी आकाश दीप चौहान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह राइटर बिजिनेस सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में चैनल मैनेजर के पद पर कार्यरत है। उसने बताया कि करनाल में रामनगर स्थित केनरा बैंक के एटीएम पर पिछले काफी समय से कोई व्यक्ति मशीन के साथ छेड़छाड़ करके उसमें से पैसे निकाल रहा है। यही नहीं तहसील रोड पानीपत, सेठी चौक पानीपत, गोहाना चौक पानीपत के साथ ही कुरुक्षेत्र और यमुनानगर के एटीएम में भी इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। इससे कंपनी को अब तक 2.54 लाख रुपये की चपत लग चुकी है। पुलिस ने कंपनी के चैनल मैनेजर की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि शातिर चोर एटीएम मशीन से पैसे निकलने के लिए खुलने वाले सॉकेट को तोड़ देते हैं और फिर उसमें हाथ डालकर ऊपर डोर में पड़े रुपये निकाल लेते हैं। इसके बाद मशीन काम करना बंद कर देती है।
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सिक्योरिटी गार्ड नहीं रहने वाले एटीएम को बनाते हैं निशाना
बैंक के एटीएम में छेड़छाड़ कर लाखों रुपये निकालने के मामले में प्रथमदृष्टया जांच में यह बात सामने आई है कि जिस एटीएम पर कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं होता, उसी को निशाना बनाया जाता है। ताजा मामला सामने आने के बाद अन्य बैंकों के एटीएम की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
ढाई साल पहले एटीएम मशीन हैक कर पैसे निकालने का मामला आया था सामने
बैंक के अधिकारी ने बताया कि ढाई साल पहले भी साइबर अपराधी एटीएम मशीन को हैक करके आसानी से पैसा निकाल लेते थे, जिसके बाद बैंकों ने अपने एटीएम के सॉफ्टवेयर में बदलाव किया। इसके बाद कुछ माह तक इस तरह की घटनाओं पर रोक लगी थी, लेकिन उसके बाद साइबर अपराधियों ने कोई नया वायरस बनाकर एटीएम को हैक करना शुरू कर दिया। एक मामले में रशिया के एक हैकर का भी नाम सामने आया था।
एक लाख से नीचे की चोरी में नहीं होती एफआईआर
बैंक के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी की पॉलिसी है कि एटीएम से अगर एक लाख रुपये से कम की चोरी होती है तो इंश्योरेंस से वे पैसे उन्हें मिल जाते हैं। ऐसे में अधिकतर मामलों में पुलिस को शिकायत ही नहीं दी जाती, लेकिन जब यह राशि एक लाख से ऊपर चली जाती है तो पुलिस में एफआईआर कराई जाती है। अगर देखा जाए तो प्रतिवर्ष एटीएम के माध्यम से साइबर हैकर बैंकों को करोड़ों रुपये का चूना लगाते हैं।
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कंपनी के चैनल मैनेजर की शिकायत पर एटीएम मशीन से छेड़छाड़ करके रुपये निकालने का मामला दर्ज किया गया है। जांच पड़ताल कर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
जगबीर सिंह, थाना प्रभारी, रामनगर।
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