अपराधियों के निशाने पर था एएसआई संजीव
- पुलिस इस एंगल पर भी कर रही जांच, हत्या के पीछे हो सकता है किसी गैंग का हाथ
- हार्ड कोर अपराधियों की धरपकड़ के लिए काम कर रहा था संजीव, पुलिस खंगाल रही इनका रिकॉर्ड
- हत्यारों की तलाश में विभिन्न टीमें रवाना
देव शर्मा
करनाल। क्राइम ब्रांच में तैनात एएसआई संजीव की हत्या के पीछे किसी गैंग का हाथ हो सकता है। इस घटना के बाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश इसी एंगल से शुरू की है, क्योंकि पुलिस का मानना है कि संजीव की किसी से कोई निजी रंजिश नहीं थी। जांच के दौरान कई अन्य पहलुओं को भी खंगाला जाएगा।
बदमाशों की तलाश में पुलिस सरगर्मियों से जुटी है। जिसके चलते विभिन्न टीमें गठित कर उन्हें हरियाणा के कई इलाकों समेत यूपी व दिल्ली के लिए रवाना कर दिया है। संजीव यमुनानगर के क्राइम ब्रांच में कार्यरत था। सूत्रों ने बताया कि वह क्राइम ब्रांच में रहते कुछ हार्ड कोर अपराधियों की धरपकड़ के लिए काम कर रहा था। इसी के चलते संजीव कुछ बड़े अपराधियों के निशाने पर था। सूत्रों के अनुसार पुलिस अब उन्हीं हार्ड कोर अपराधियों का रिकॉर्ड खंगाल रही है।
पुलिस को शक है कि इन्हीं अपराधियों के किसी गैंग ने संजीव को निशाना बनाया है। पुलिस विभाग के एक अफसर बताते हैं कि संजीव की किसी से कोई निजी दुश्मनी नहीं है। उसमें किसी प्रकार का कोई ऐब भी नहीं है। संजीव केवल अपने काम में मशगूल रहता था और उसकी काबिलियत व मजबूत नेटवर्क के बूते ही उसे क्राइम ब्रांच में तैनात किया गया था। पिछले कुछ समय से संजीव अपनी टीम के साथ कुछ कट्टर अपराधियों पर नकेल कसने के काम में जुटा था। संभवत: यही बात संबंधित अपराधियों को अखर रही होगी, इसलिए उन्होंने देर शाम घर के बाहर टहल रहे संजीव पर फायरिंग कर उसकी हत्या कर दी।
संजीव की हत्या से उसके परिजन व पड़ोसी भी क्षुब्ध हैं। पड़ोसियों का भी मानना है कि संजीव का यहां किसी से कोई विवाद नहीं था और वह बहुत मिलनसार था। ऐसे में उसकी किसी से निजी दुश्मनी का सवाल ही पैदा नहीं होता, फिर क्यों कोई उसकी हत्या करेगा, यह सवाल परिजनों और पड़ोसियों के दिलोदिमाग में भी कौंध रहा है।
हर एंगल पर कर रहे हैं जांच : डीएसपी
एएसआई संजीव की मौत हैरान करने वाली है। अपराधियों का कोई गैंग इस हत्या के पीछे हो सकता है। पुलिस फिलहाल इस एंगल पर जांच कर रही है मगर अभी हत्या के ठोस कारणों का खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा। टीमें अपराधियों की तलाश में जुटी हैं और कुछ हार्ड कोर अपराधियों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है।
- मनोज कुमार, डीएसपी