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Karnal News: स्वाधीनता दिवस पर युनम पर्वत फतह करेगा अशोक

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मुकेश राणा
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करनाल। पर्वतारोही अशोक पाल 15 अगस्त को मनाली की 6111 मीटर ऊंची माउंट युनम पर्वत शृंखला को फतह करेगा। इस मुकाम को हासिल करने के लिए वह शुक्रवार को ही रवाना हो गया था। अशोक का लक्ष्य पांच दिन में इस लक्ष्य काे पूरा करना है। इससे पहले वह गणतंत्र दिवस पर दक्षिण अफ्रीका की 5652 मीटर ऊंची चोटी किलीमंजारो पर तिरंगा लहरा चुका है। अशोक ने बताया कि वह मिशन रुद्र के तहत देश की सबसे ऊंची सात चोटियों पर तिरंगा झंडा लहराएंगे।
घरौंडा से करीब 15 किलोमीटर दूर सदरपुरा गांव के रहने वाले किसान इंद्र सिंह के बेटे अशोक पाल पर्वतारोही के साथ-साथ दौड़ में भी नाम रोशन कर चुके हैं। एक बेहतर धावक होने के साथ वह कोच की भी भूमिका निभाते हुए जूनियर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देते हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी माउंट प्रशिक्षण केंद्र, स्वामी विवेकानंद संस्थान माउंट आबू से प्रशिक्षण लिया है।
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नंगे पैर दौड़कर की थी शुरुआत
अशोक के भाई अमित ने बताया कि उनका गांव घरौंडा कस्बे से करीब 15 किलोमीटर दूर है। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहतर न होने के कारण उन्होंने अपने खेल की शुरुआत अपने गांव के कच्चे रास्तों पर नंगे पैर दौड़कर शुरू की थी। उन्हें दौड़ता देख गांव के कई युवा भी उनके साथ दौड़ने लगे। भाग्य ने उनका साथ दिया और वह सेना में भर्ती हो गए, लेकिन अशोक के नसीब में शायद पर्वतारोही बनना ही लिखा था। वह अब भी लगातार कड़ा संघर्ष कर रहे हैं।
जूनियर खिलाड़ियों को देते हैं प्रशिक्षण
अशोक का कहना है कि उनके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। पिता के पास करीब तीन एकड़ पुश्तैनी जमीन है। उनका छोटा भाई अमित भी खेतीबाड़ी में पिता का साथ देता है। घर की आर्थिक स्थिति बेहतर हो इसके लिए अशोक ने खेलों की तरफ रुख किया। मौजूदा समय में अशोक खेलों के साथ-साथ कर्ण खेल मैदान में जूनियर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण भी देते हैं।
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दौड़ में भी जीत चुके पदक
अशोक बताते हैं कि वह दौड़ में भी करीब 50 पदक जीत चुके हैं। मात्र 12 वर्ष की उम्र में ही उन्होंने खेलों में भाग लेना शुरू कर दिया था। 2016 में वह श्रेष्ठ धावक चुने गए। दाैड़ में वह पांच हजार मीटर, 10 हजार मीटर, मैराथन 42 हजार मीटर में भी पदक जीत चुके हैं।
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