- परीक्षा पास होने पर मिलेंगे पांच हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूल (एनआईओएस) आशा कार्यकर्ताओं की परीक्षा के माध्यम से ज्ञान की जांच की जाएगी। परीक्षा से पूर्व पांच दिवसीय नौ से 13 सितंबर तक प्रेक्टिकल सेशन शुरू हो रहा है। इसके बाद आशा कर्मियों की आगामी 22 सितंबर को परीक्षा होगी। परीक्षा 100 नंबर और प्रेक्टिकल व लिखित प्रारूप में होगी। पहले चरण में जिले में 499 आशाओं की परीक्षा होगी। पास होने वाली आशा कर्मियों को पांच हजार रुपये मिलेंगे।
जिला आशा समन्वयक संजीव कुमार ने बताया कि इस परीक्षा का उद्देश्य आशा कर्मी के ज्ञान को जानना है। प्रेक्टिकल में आशा कर्मियों से हाथ धोना, तापमान मापना, पैकेट का इस्तेमाल कर व घरेलू ओआरएस बनाना, शिशु का वजन मापना, नवजात शिशु को कंबल में लपेटना, निश्चय किट का प्रयोग कर गर्भावस्था का पता लगाना, रेपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट आदि सवाल पूछे जाएंगे।
उन्होंने बताया कि 100 नंबर की परीक्षा चेक लिस्ट के अनुसार तीन चरणों में होगी। इसमें पहले दो चरण प्रेक्टिकल और तीसरे चरण में लिखित परीक्षा संपन्न कराई जाएगी। पहला प्रेक्टिकल 30 नंबर का ब्लॉक आशा समन्वयक लेंगे। दूसरा प्रेक्टिकल एक्सटर्नल 40 नंबर का एनआईओएस की टीम लेगी। इसके बाद 30 नंबर की लिखित परीक्षा होगी।
आशाओं के लिए परीक्षा अहम
उप-सिविल सर्जन डॉ. सरोज ने बताया कि आज के समय में सभी प्रकार के स्वास्थ्य कार्यक्रम आशा कर्मियों पर निर्भर हैं। आशा कर्मी स्वास्थ्य विभाग की एक रीढ़ की तरह काम करती हैं। ऐसे में उनका परिपक्व होना जरूरी है। इस परीक्षा में बेहतर अंक लाने वाली आशा कर्मियों को पांच हजार रुपये देकर पुरस्कृत किया जाएगा।
खंड अनुसार आशा कर्मियों का ब्योरा
करनाल शहर में 65, घरौंडा में 123, असंध में 65, बल्ला में 24, तरावड़ी में 99, नीलोखेड़ी में 30, इंद्री में 61, निसिंग में 32।