अंबाला सिटी। आशा वर्कर्स यूनियन और सीटू के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार को विभिन्न मांगों को लेकर भारी संख्या में एकत्रित आशा वर्करों ने जहां सरकार के विरोध में नारेबाजी की। वहीं अंबाला सिटी के महाराजा अग्रसेन चौक से एक रोष मार्च निकालकर नारेबाजी की। बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन डब्ल्यूएचओ से ग्लोबल हेल्थ लीडर का अवार्ड पाने वाली आशा वर्कर्स अपने हकों को पाने के लिए बीते 29 दिन से हड़ताल कर सड़को पर उतरकर धरना प्रदर्शन कर रही हैं। जिसमें आशा वर्करों ने मुख्य मांगो में सरकारी कर्मचारी का दर्जा व न्यूनतम वेतन 26 हजार देना शामिल किया है, मगर हरियाणा सरकार मांग को लागू करने की बजाए तानाशाही रवैये पर उतरी हुई है। सीटू का हरियाणा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में बलात्कारी व अपराधी खुले में घुम रहे हैं और आशा वर्कर्स के पीछे पुलिस लगाई हुई है। सरकार की इसी तानाशाही रवैये से गुस्साई सीएचसी बराड़ा व मुलाना की वर्कर्स ने मंगलवार को अंबाला सिटी अग्रसेन चौक से कपड़ा मार्केट होते हुए जिला उपायुक्त कार्यालय पहुंची थी, इस मौके पर आशा वर्कर्स यूनियन के प्रधान कविता व कोषाध्यक्ष बलजिन्द्र कौर ने कहा कि हरियाणा सरकार आशा वर्करों के साथ अमानवीय व्यवहार कर रही है। इस मौके पर सीटू नेता सतीश सेठी, रणजीत कौर, उर्मिला, ममता, सुनीता, मालती, लाभ कौर, संगीत, ज्ञान कौर व नीरू सहित सैकड़ों की संख्या में आशा वर्कर मौजूद रही।