करनाल। भूस्खलन-बर्फबारी के बीच उत्तराखंड के धारचूला इलाके में फंसे करनाल के पांचों लोग सुरक्षित घर पहुंच गए हैं। उन्हें सेना ने एयर लिफ्ट करके पिथौरागढ़ पहुंचाया, जहां से वे अपने वाहन से शनिवार शाम करनाल पहुंचे। करनाल पहुंचे वीरेंद्र आर्य व अन्य लोगों ने एयर लिफ्ट करने के लिए भारतीय सेना का आभार व्यक्त किया।
पांचों के घर लौटने पर परिवार ने राहत की सांस ली। आदिशक्ति मां झंडेवाली सेवा समिति के सदस्य एवं हांसी रोड निवासी वीरेंद्र आर्य सहित कुल पांच सदस्य चार अक्तूबर को उत्तराखंड स्थित ओम पर्वत आदि कैलाश के दर्शनों के लिए गए थे। लेकिन जब वे धारचूला के गुंजी गांव के पास पहुंचे तो आगे भारी बारिश, बर्फबारी के कारण भूस्खलन हो गया। रास्ते बंद होने के कारण वे आगे दर्शनों के लिए नहीं जा सके। जब वापस आने का प्रयास किया तो गुंजी से धारचूला की ओर आने वाला रास्ता भी भूस्खलन से बंद हो गया। ऐसे में वे वहीं फंस गए। उनके साथ 35 लोग गुजरात के थे। बुधवार को वीरेंद्र आर्य ने वीडियो जारी करके सरकार व सेना से मदद की गुहार लगाई थी। जिसमें उन्होंने बताया कि वे माइनस 10 डिग्री तापमान में काफी कम कपड़ों में रह रहे हैं और रास्ते बंद होने के कारण आठ दिनों से फंसे हैं। जिस इलाके में वे फंसे थे वह उत्तराखंड का सीमांत इलाका है, ये क्षेत्र नेपाल और तिब्बत से जुड़े हैं। इस मामले को अमर उजाला ने भी प्रमुखता से उठाया था।