- हाईवे स्थित मुख्य चौक और कस्बों में नहीं रुकी रोडवेज बसें, सामान व बच्चों को लेकर दौड़ती रहीं महिलाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। रक्षाबंधन पर्व पर रोडवेज चालकों व परिचालकों की मनमानी के कारण बहनों को परेशानी झेलनी पड़ी। सोमवार को हाईवे स्थित मुख्य चौक आईटीआई, निर्मल कुटिया, सेक्टर-14, नमस्ते चौक पर रोडवेज बसें रोकी ही नहीं गई। इस कारण बहनें अपने हाथ में सामान व बच्चों को साथ लेकर हाईवे पर दौड़तीं नजर आईं।
हाईवे पर चालकों ने मनमानी करके यात्रियों को फ्लाईओवर पर ही उतारा। नीलोखेड़ी, तरावड़ी व घरौंडा में लंबे रूट की बस नीचे तो उतरी लेकिन मुख्य चौकों पर सवारियों की भीड़ देख चालकों ने बस को 200 से 400 मीटर तक आगे जाकर रोका। इस कारण से यात्रियों को उतरने व बस में सवार होने के कारण काफी दिक्कत हुई। इस दौरान कुछ लोग बस के गेट और पीछे लटके नजर आए।
हालांकि करनाल डिपो की ओर से 168 बसों को विभिन्न रूटों पर चलाया गया लेकिन बस स्टैंड पर एकाएक काफी संख्या में सवारी पहुंचने से व्यवस्था खराब हो गई। रविवार दोपहर 12 बजे से महिलाएं रोडवेज की बसों में 36 घंटे की मुफ्त में यात्रा के कारण पहुंचनी शुरू हो गईं। वहीं परिवहन विभाग की ओर से जारी हैप्पी बस पास के कारण भी महिलाओं के साथ-साथ पुरुष भी योजना का फायदा उठाने से नहीं चुके। करनाल डिपो की ओर से बहनों को कोई दिक्कत न हो इसके लिए निशुल्क बसों में सफर कराने के लिए सभी कर्मचारियों की छुट्टी रद्द कर विशेष ड्यूटी लगाई गई थी।
महाप्रबंधक और ट्रैफिक मैनेजर की विशेष निगरानी के बावजूद बसे निर्धारित समय से देरी से चलीं और सीट के लिए महिलाएं जद्दोजहद करतीं दिखीं। 15 साल तक के बच्चे की मुफ्त यात्रा के कारण महिलाएं सभी बच्चों को लेकर बसों में सफर करतीं नजर आई। जिस भी रूट की सवारियां अधिक रहीं, उस रूट पर खराब बसों में से ठीक हुई बसों को चलाया गया, जो सड़कों पर खराब सर्विस के कारण रेंगती नजर आई।
इस बार रक्षा बंधन पर रोडवेज की ओर से पूरी तैयारियां की गई थी। 168 बसों के साथ-साथ वर्कशॉप में काफी समय से खड़ी बसों को भी सर्विस करवा रूटों पर उतारा गया। सभी चालकों व परिचालकों की 36 घंटे तक छुट्टिया रद्द रही। इतनी सुविधा के बाद भी यदि बहनों को परेशानी हुई या करनाल डिपो के चालक-परिचालकों ने बस रोकने में मनमानी की है तो इसकी जांच कर विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- कुलदीप सिंह, महाप्रबंधक रोडवेज डिपो करनाल