करनाल। ट्रांसफर ड्राइव के बाद गांव पिचौलिया के राजकीय उच्च विद्यालय के विद्यार्थी शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं। बुधवार को विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का गुस्सा फूट पड़ा। सभी ने स्कूल के मुख्य द्वार के बाहर एकत्रित होकर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों और विद्यार्थियों ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने 10 दिनों में स्कूल में शिक्षकों की व्यवस्था कराने की मांग की है।
बुधवार सुबह 10 बजे विद्यार्थी और ग्रामीण स्कूल के गेट के बाहर एकत्रित हुए। दोपहर करीब 12:15 बजे तक प्रदर्शन किया। उनका कहना था कि इस स्कूल में मुख्याध्यापक समेत दो शिक्षकों के सहारे ही पांच कक्षाएं लग रही हैं। कक्षा छठी से 10वीं तक कुल 114 विद्यार्थी पढ़ते हैं। मुख्याध्यापक राजिंद्र स्वयं सामाजिक विषय के शिक्षक हैं, जबकि एक अन्य टीजीटी संस्कृत का शिक्षक है। इसके अतिरिक्त एक गणित के शिक्षक की स्कूल में तैनाती तो है पर इन दिनों इस गेस्ट शिक्षक राजकुमार की बीएलओ की ड्यूटी लगी है। स्कूल में हिंदी, अंग्रेजी, विज्ञान और पीटीआई का पद रिक्त है।
खुद मिड डे मील बांटने को मजबूर
स्कूल में सफाई कर्मचारी और चौकीदार भी नहीं है। स्टाफ की कमी के कारण मिड डे मील भी खुद दोनों शिक्षक ही बांटने को मजबूर हैं। मुख्याध्यापक राजिंद्र ने बताया कि स्कूल में ड्राइंग, मैथ, साइंस और हिंदी टीचर चाहिए। हिंदी, ड्राइंग और पीटीआई का पद भी खाली है। जबकि गणित और विज्ञान के पद को कैप्ट किया है। ट्रांसफर ड्राइव में हिंदी शिक्षक कृष्ण पाल, अंग्रेजी शिक्षक दिनेश, मिडिल हेड श्यामलाल का तबादला हुआ है।
छात्राएं बोलीं, पाठ्यक्रम अधूरा, कैसे देंगे परीक्षा
10वीं की छात्रा स्वीटी, प्रीति, अर्चना और दीपिका ने बताया कि उनके स्कूल में शिक्षकों की कमी है। जो शिक्षक थे उनका तबादला कर दिया है। अब दो ही शिक्षक एक संस्कृत व एक सामाजिक का है, जिसके कारण पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वह पढ़ना चाहती हैं, लेकिन बिना शिक्षकों के कैसे पढ़ें। सिलेबस अधूरा पड़ा है और पेपर नजदीक हैं। अगर पढ़ाई नहीं हुई तो फेल हो जाएंगे, साल खराब होगा। 29 सितंबर से छमाही परीक्षाएं भी प्रस्तावित हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में शिक्षक न होने से बच्चों को काफी दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। बच्चों को पढ़ने के लिए जुंडला जाना पड़ेगा। बच्चों की सुविधा के लिए कोई बस भी नहीं लगी है, जिसके कारण परिजनों को डर बना रहता है। उनकी मांग है कि स्कूल में शिक्षकों के साथ-साथ अन्य सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं। अन्यथा बच्चों की पढ़ाई छोड़ना मजबूरी होगी।
वर्जन-
ट्रांसफर ड्राइव में कई शिक्षकों का इस स्कूल से दूसरी जगह तबादला हो गया था। हेड मास्टर भी नए आए हैं। जल्द स्कूल में शिक्षकों के लिए कुछ वैकल्पिक व्यवस्था की जाएगी।
- राजपाल चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी