एक आइडिया से मिलेगा पुरस्कार और राष्ट्रपति से मिलने का मौका
- इंस्पायार अवार्ड के लिए 31 अगस्त तक कर सकते हैं ऑनलाइन आवेदन, छठी से 10वीं तक के विद्यार्थी ले सकते हैं भाग
माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत/ करनाल। विद्यार्थियों के नए-नए और रचनात्मक आइडिया को लेकर चल रही प्रतियोगिता इंस्पायर अवाॅर्ड के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त है। सरकारी और निजी दोनों ही स्कूलों के कक्षा छठी से 10वीं तक के विद्यार्थी इस प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। विद्यार्थी देश की मान्यता प्राप्त सभी भाषाओं में अपना आवेदन अपने विद्यालय में जमा करवा सकते हैं।
जिसका ऑनलाइन नामांकन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग भारत सरकार के वेब पोर्टल ई-एमआईएएस के वेब लिंक इंस्पायर्ड अवाॅर्डस-डीएसटी.जीओवी.इन पर किया जाएगा। पहले इस प्रतियोगिता के तहत विज्ञान के मॉडल ही मांगे जाते थे, परंतु बीते कुछ सालों से विज्ञान ही नहीं किसी भी विषय हिंदी, अंग्रेजी या अन्यों में अपने नए आइडिया दे सकते हैं।
भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान की ओर से देशभर से आने वाले सर्वश्रेष्ठ एक लाख विचारों का चयन किया जाएगा। इन चयनित सभी विद्यार्थियों को 10 हजार रुपये प्रति पुरस्कार राशि सीधे उनके खाते में डाली जाएगी। इंस्पायर अवाॅर्ड में स्कूली बच्चों को इसी प्रकार से क्रिएटिव आइडिया शेयर करने होंगे। प्रतियोगिता के लिए अपलोड किए जाने वाले आइडिया किसी किताब, इंटरनेट और किसी अन्य के यानी कॉपीराइट नहीं होने चाहिए। विद्यार्थियों को अपने विवेक से कुछ नया करने का आइडिया देना है।
चयनित बच्चे नेशनल प्रतियोगिता में होंगे शामिल
इंस्पायर अवाॅर्ड के लिए सीनियर सेकेंडरी स्कूल से पांच और मिडिल स्कूल से केवल तीन बच्चे ही भाग ले सकते हैं। एक स्कूल से अलग-अलग कक्षाओं या फिर एक ही कक्षा के भी ये सभी बच्चे अवाॅर्ड प्रतियोगिता में शामिल हो सकते हैं। प्रदेश स्तर पर चयनित बच्चे को 10 हजार रुपये का पुरस्कार मिलेगा, जिसका इस्तेमाल वह नए मॉडल बनाने आदि के लिए कर सकेगा। इसके बाद वह नेशनल स्तर की इस प्रतियोगिता में भाग लेगा।
क्या है इंस्पायर अवाॅर्ड मानक
जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा ने बताया कि इंस्पायर अवॉर्ड विद्यार्थियों के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में नवाचारी प्रोत्साहन के लिए दिया जाता है। इसमें पुरस्कार के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित प्रतिभागियों के मॉडल को आईआईटी व एनटीए जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के तकनीकी सहयोग और मार्गदर्शन में राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में दिखाया जाता है। कार्यक्रम स्कूलों के सृजनात्मक सोच वाले प्रतिभावान विद्यार्थियों को राष्ट्र स्तरीय मंच प्रदान करता है।
कार्यक्रम के तहत करीब 30 लाख युवाओं में विज्ञान के प्रति कार्य, वैज्ञानिक शोध और विज्ञान सीखने में मनोरंजन जैसी विधाओं का विकास कराया जाता है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के बाद 10 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन राष्ट्र स्तरीय प्रतियोगिता के लिए होता है। राष्ट्रीय स्तर पर टॉप 60 विद्यार्थियों को राष्ट्रपति से मिलने का अवसर भी मिलता है।