निसिंग। प्रदूषण को कम करने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में किसान खुद भी पराली प्रबंधन कर रहे हैं। एक ऐसे ही प्रगतिशील किसान हैं अमृतपाल बुगा। जो धान कटाई के बाद बचे फसल अवशेष को अपने खेत में मिला रहे हैं। दूसरे किसानों को जागरूक भी कर रहे हैं। इससे वह आलू की अच्छी फसल भी लेते हैं। गोंदर गांव के अमृतपाल ने बताया कि मिट्टी में दबी पराली आलू की फसल के लिए खाद का काम करती है। अमृतपाल अपने खेत में धान की कंबाइन से कटाई करवा हार्वेस्टर से बचे अवशेषों में पानी लगाकर दो से चार दिनों बाद रोटावेटर से पाड़े काटकर फसल अवशेष प्रबंधन करते हैं। संवाद