- जिले में 12 प्रॉपर्टी डीलरों के पास हैं लाइसेंस, इस वर्ष विभाग के पास आए नौ आवेदन
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जमीन की खरीद फरोख्त में धोखाधड़ी रोकने के लिए प्रॉपर्टी डीलरों के लिए लाइसेंस लेना अनिवार्य किया गया है लेकिन जिले में कई लोग बिना लाइसेंस के प्रॉपर्टी डीलर का कार्य कर रहे हैं। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जो लोग बिना लाइसेंस के प्रॉपर्टी डीलर का कार्य कर रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में गांव से लेकर शहर तक के सेक्टरों में जगह-जगह प्रॉपर्टी डीलरों ने कार्यालय बनाए हुए हैं। जमीन की खरीद फरोख्त का कार्य करने के लिए रेवेन्यू एंड डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग से लाइसेंस लेना होता है। विभाग के अनुसार अब तक करीब 12 प्रॉपर्टी डीलरों के पास लाइसेंस हैं।
जमीन खरीद फरोख्त में होती है धोखाधड़ी
विभाग के अधिकारियों के अनुसार कई साल पहले करीब 142 लोगों पर प्रॉपर्टी डीलर के लाइसेंस थे। इसके बाद 12 ही डीलरों ने लाइसेंस को रिन्यू कराया। अब इस वर्ष उनके पास करीब नौ आवेदन आए हुए हैं। इन आवेदनों की जांच की जाएगी। उसके बाद ही उन्हें लाइसेंस जारी किया जाएगा। जिले में अवैध कॉलोनियों कट रही हैं। इस कारण इन कॉलोनियों में कटे हुए प्लाॅट को बिकवाने के लिए प्रॉपर्टी डीलरों की संख्या बढ़ गई है। कॉलोनी मालिक इन डीलरों को प्लाॅट बिकवाने के लिए मोटे कमीशन का लालच देता है इसलिए लोग बिना लाइसेंस लिए ही प्रॉपर्टी डीलर बनकर लोगों को प्लाॅट बेचने का कार्य कर रहे हैं। लाइसेंस वाला प्रॉपर्टी डीलर भी अवैध कॉलोनी में जमीन की खरीद फरोख्त नहीं कर सकता। बिना लाइसेंस प्रॉपर्टी डीलर के माध्यम से जमीन, प्लाॅट, मकान आदि खरीदने से लोगों के साथ धोखाधड़ी अधिक होती है। क्योंकि ये प्रॉपर्टी डीलर कमीशन के चक्कर में लोगों को जमीन, प्लाॅट व मकान के दस्तावेजों में हुई हेराफेरी को नहीं बताते और कमीशन लेकर गायब हो जाते हैं।
दस्तावेजों की कराते हैं जांच
प्रॉपर्टी डीलर का काम जमीन, प्लाॅट आदि की बिक्री के साथ-साथ उसके दस्तावेजों की जांच का भी काम होता है कि जिस जमीन, प्लाॅट को वह बिकवा रहा है, उसके दस्तावेज सही हैं या गलत। साथ ही मकान आदि बिकवाने पर भी प्रॉपर्टी डीलर की यही जिम्मेदारी होती है ताकि खरीदार के साथ धोखाधड़ी न हो लेकिन कमीशन के चक्कर में फर्जी प्रॉपर्टी डीलर बिना दस्तावेजों की जांच के जमीन की खरीद फरोख्त करा देते हैं। जिसका खामियाजा खरीदार को भुगतना पड़ता है।
प्रॉपर्टी डीलर के लिए विभाग से लाइसेंस लेना जरूरी है। कुछ लोगों के आवेदन आए हैं। उनकी जांच कर लाइसेंस जारी किया जाएगा और जो बिना लाइसेंस प्रॉपर्टी डीलर बने हैं। उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- मनीष यादव, डीआरओ, करनाल