समालखा। फसल अवशेष जलाने वाले किसानों पर कार्रवाई के लिए थाना प्रभारी दीपक कुमार ने रविवार को सरपंचों व सरपंच प्रतिनिधियों को थाने में बुलाकर बैठक की। थाना प्रभारी दीपक ने बताया कि फसल अवशेष जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध है। जुर्माना से लेकर अभियोग दर्ज करने तक का प्रावधान है। सरकार ने अवशेष प्रबंधन के लिए अनुदान पर मशीनें किसानों को दी हैं। क्लस्टर के कस्टम हायरिंग सेंटर पर भी मशीन मौजूद हैं। किसानों को इसका उपयोग करना चाहिए। आट्टा गांव के सरपंच दिलबाग सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के किसान यमुना के रास्ते फसल बेचने हरियाणा की मंडी में ट्रैक्टर लेकर आते हैं और लौटते समय किसान के कारिंदे गांव में नाले व नालियों पर लगे लोहे के जाल उठाकर ले जाते हैं। उसके गांव में कई जाल चोरी हो चुके हैं। राक्सेड़ा गांव के सरपंच रामधन सैनी ने भी इसकी पुष्टि की। वहीं किवाना गांव के सरपंच चयनपाल व राक्सेड़ा गांव के सरपंच रामधन सैनी ने कहा कि उन्होंने गांव में फसल अवशेष नहीं जलाने के लिए मुनादी करवा दी गई है। किसानों को फसल अवशेष न जलाने के लिए समझाया भी जा रहा है। फिर भी उन पर नजर रखी जा रही है। संवाद