संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। टैक्स बचाने के लिए वोल्वो बस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाने के मामले में मुख्य आरोपी को बचाने के गिरफ्तार आरोपी एएसआई गुरमीत सिंह और एडवोकेट शुभम कालिया को पुलिस ने सोमवार को कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद एक दिन के रिमांड पर लिया है। आरोपियों से बाकी साथियों के बारे में पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के अनुसार वोल्वो बस पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर टैक्स बचाया जा रहा था। चेकिंग के दौरान बस को एएसआई गुरमीत सिंह ने पकड़ लिया था। मुख्य आरोपी को बचाने के लिए 25 मई को जुंडला गेट निवासी योगेश उर्फ गोलू को 50 हजार रुपये देकर जेल भिजवा दिया था। एएसआई और वकील ने आरोपी से कहा था कि वह कुछ दिनों के भीतर जमानत करवा देंगे, मगर जब जमानत नहीं हुई तो उसने पुलिस को हकीकत बता दी। जिसके बाद पुलिस ने एएसआई और वकील को गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने एएसआई और वकील को कोर्ट में पेश करने के बाद एक दिन के रिमांड पर लिया है।
क्या था मामला
पुलिस के अनुसार छह अप्रैल 2022 को डिटेक्टिव स्टाफ की टीम हाईवे पर बलड़ी बाईपास पर माैजूद थी। इसी दौरान टीम को सूचना मिली कि लाल रंग की वोल्वो बस दिल्ली से हिमाचल की और जा रही है। पुलिस ने बस को कब्जे में लेकर कागजात देखे तो नंबर प्लेट फर्जी मिली। जो टैक्स बचाने के लिए लगाई गई थी। जबकि चालक ने अपना नाम हिमाचल के मंडी जिले के डोंगरी गांव निवासी बृजलाल बताया था। चालक ने बस के मालिक का नाम पाली कॉलोनी निवासी नितेश कुमार बताया था। जबकि बस का असली मालिक दिल्ली निवासी मेघराज था। इस मामले में पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया था।