- जिला अतिरिक्त सेशन जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने पकड़ा एसआई का कारनामा
- एक नहीं, चार ट्रांसफार्मर चोरी के मामले में बनाया गया था आरोपी
- गृह सचिव, डीजीपी हरियाणा व एसपी करनाल को जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
राकेश चौहान
करनाल। तरावड़ी थाना के एक जांच अधिकारी एसआई देवेंद्र का कारनामा जिला अतिरिक्त सेशन जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत में सामने आया है। जांच अधिकारी ने खेतों में रखे ट्रांसफार्मर चोरी के मामले में एक ऐसे आरोपी को चोरी की वारदात में शामिल कर दिया जो पहले से जेल में बंद था। इस कारण उसे सजा भी काटनी पड़ी।
ऐसा एक मामले में नहीं हुआ बल्कि तरावड़ी थाना क्षेत्र में ट्रांसफार्मर चोरी के ऐसे चार मामलों में किया गया है। जिला अतिरिक्त सेशन जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने गृह सचिव, डीजीपी हरियाणा व एसपी करनाल को निर्देश दिए कि ऐसे जांच अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अपने आदेशों में लिखा है कि पुलिस के पास लोगों पर अत्याचार करने का कोई लाइसेंस नहीं है। साथ ही एक महीने में कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। आदेशानुसार 27-28 फरवरी 2022 की रात को हुई चोरी की वारदात में 23 अगस्त 2023 को जिला अतिरिक्त सेशन जज डॉ. विवेक गोयल द्वारा आरोपी इंदल जो कि उत्तर प्रदेश का रहने वाला है, उसके साथ ही तीन आरोपियों पर दोष तय किए गए थे। लेकिन आरोपी इंदल 18 अप्रैल 2019 से 15 अप्रैल 2022 तक सोनीपत, थाना कुंडली के एक मामले में जेल में बंद था लेकिन जांच अधिकारी एसआई देवेंद्र ने आरोपी इंदल को 27-28 फरवरी 2022 की रात को हुई चोरी में शामिल बताया।
जबकि जो व्यक्ति 15 अप्रैल 2022 तक जेल में बंद है वह 27-28 फरवरी 2022 की रात को चोरी की वारदात को कैसे अंजाम दे सकता है। ऐसा एक मामले में नहीं बल्कि तरावड़ी थाने के चार मामले हैं। जो एफआईआर नंबर 164, 12 अप्रैल 2022 को ट्रांसफार्मर से सामान चोरी करने की दर्ज की गई। ऐसे ही एफआईआर नंबर 108, 11 मार्च 2022 को दर्ज की गई, वहीं एफआईआर नंबर 87 जो दो मार्च 2022 को दर्ज की गई, एफआईआर नंबर 139 जो 27 मार्च 2022 को दर्ज की गई। ये सभी एफआईआर तरावड़ी थाना में दर्ज की गई हैं। जिनमें आरोपी इंदल को चोरी की वारदात में शामिल किया गया है।
इस दौरान वह जेल में बंद था। इन मामलों में बेकसूर होने के बावजूद भी इंदल सजा काट चुका है। अब यह जांच का विषय है कि जांच अधिकारी ने यह सब जानबूझकर किया है या लापरवाही में बिना मामले की जांच किए कोर्ट में इंदल के खिलाफ चालान पेश कर दिया। संवाद
जिला अतिरिक्त सेशन जज ने पकड़ा कारनामा
जिला अतिरिक्त सेशन जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग ने ही जांच अधिकारी की यह लापरवाही पकड़ी है। नहीं तो इंदल को दोबारा उस गुनाह की सजा मिल जाती जो उसने किया ही नहीं है। इसलिए जिला अतिरिक्त सेशन जज डॉ. सुशील कुमार गर्ग की अदालत ने जांच अधिकारी के खिलाफ जल्द जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आदेशों में यह भी कहा गया है कि पुलिस अधिकारियों में इस तरह की प्रवृत्ति को हलके में नहीं लिया जाना चाहिए बल्कि सख्ती से इन पर अंकुश लगाने की जरूरत है। जांच अधिकारी द्वारा की गई गलतियों के लिए वरिष्ठ अधिकारी भी जिम्मेदार हैं।