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मांगों को लेकर मिड ड मिल वर्कर्स ने किया प्रदर्शन

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अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। मिड-डे मील वर्करों का वेतन बढ़ाने, वर्कर्स को चौथे दर्जे का सरकारी कर्मचारी घोषित करने, न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये देने सहित कई मांगों को लेकर मिड-डे मील वर्कर यूनियन की जिला इकाई ने प्रदर्शन किया। मांगों का ज्ञापन सांसद के पीए को सौंपा गया। प्रदर्शनकारी वर्करों की अगुवाई जिला प्रधान शिमला देवी ने की। जिला प्रधान शिमला ने कहा कि मिड-डे मील योजना की शुरुआत वर्ष 2009 में केंद्र की सरकार द्वारा की गई थी तब से लेकर अब तक मिड-डे मील वर्कर मात्र एक हजार रुपये प्रति माह पर काम कर रही हैं। यह भी साल में 10 महीने ही दिया जाता है। 95 प्रतिशत से ज्यादा मिड-डे मील वर्कर गरीब परिवारों से हैं। वह अपने परिवार का पालन पोषण नहीं कर पा रही। श्रम सम्मेलन की सिफारिशों को आज तक लागू नहीं किया गया। शिमला ने बताया कि मिड-डे मील वर्कर 30 और 31 अक्तूबर को हड़ताल पर रहेंगी। इस अवसर पर संतोष, अनीता, बिमला, बोहती, जगपाल राणा व रोशनलाल ने वर्कर्स को संबोधित किया।
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