- रविवार की रात लालूपुरा बांध के पास अचानक हुए भूमि कटाव ने बढ़ाई परेेशानी
- किसानों की करीब 200 एकड़ में लगी सब्जी और फसल बर्बाद
संवाद न्यूज एजेंसी
घरौंडा। कई दिनों से चल रहे भूमि कटाव व नियंत्रण के बीच यमुना से सटे गांवों के ग्रामीण सहमे हुए हैं। रविवार की रात अचानक भूमि कटाव बढ़ गया। लालूपुरा बांध के पास जहां जमीन में कटाव शुरू हुआ, वहां सिंचाई विभाग के कुछ बेलदार खाट बिछा कर आराम कर रहे थे। अचानक जमीन का बड़ा हिस्सा यमुना में समा गया। गनीमत रही कि इसका एहसास होते ही बेलदार दूर चले गए और देखते ही देखते यमुना नदी का तट लगभग 90 फुट हिस्सा पानी के अंदर चला गया।
ग्रामीण सुंदरपाल, रोहताश आदि ने बताया कि तेज बहाव व कटाव से लगभग दो सौ एकड़ फसल व सब्जी बर्बाद हो गई। हथिनी कुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद यमुना क्षेत्र के आसपास के गांवों में कई बार आफत आ चुकी है। इंद्री से बाढ़ के पानी का रुख दक्षिण दिशा में होने के कारण ग्रामीणों में दहशत फैल गई थी। विधायक हरविंदर कल्याण व प्रशासन के लोगों ने गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक किया और सजग रहने का आह्वान किया। लेकिन उसके बाद लालूपुरा के पास भूमि कटाव ने अधिकारियों को तटबंध पर सोने को मजबूर कर दिया। कई दिन की मशक्कत के बाद भूमि कटाव पर काबू पाया गया था, लेकिन रविवार की रात लालूपुरा के पास फिर भूमि कटाव हो गया है।
सिंचाई विभाग ने 500 मजदूर लगाए
सिंचाई विभाग बचाव कार्य में जुट गया। विधायक हरविंद्र कल्याण, एसडीएम अदिति व अन्य विभागों के अधिकारियों सहित बड़ी संख्या में क्षेत्र के लोग मौके पर पहुंचे। तुरंत 500 मजदूरों को काम पर लगाया गया। एसडीएम, नहरी विभाग के एसई, एक्सईएन नवतेज सिंह और एसडीओ विकास ने बड़ौली पुल तक पानी के रुख और कटाव की स्थिति का भी जायजा लिया। इस दौरान सरपंच ओमबीर, गोरधन, पूर्व सरपंच विकास, पूर्व सरपंच निशांत राणा, रोहित भंडारी आदि मौजूद रहे। विधायक हरविंदर कल्याण सोमवार की शाम करीब सात बजे भूमि कटाव का निरीक्षण करने जा रहे थे। एक तरफ यमुना और दूसरी तरफ कीचड़ था। बीच में पत्थर व कुछ मिट्टी से भरे कट्टे लगे थे। इस दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया। उनका जूता दलदल में फंस गया और अचानक संतुलन बिगड़ गया। गनीमत रही कि पीछे आ रहे लोगाें ने उन्हें संभाल लिया।
प्राकृतिक आपदा के कारण सग्गा गांव में दो लोगों की छत ढहने से मौत हो गई थी। प्रदेश सरकार ने ऐसे बाढ़ और आपदा प्रभावितों पर तुरंत संज्ञान लेते हुए उन्हें 4-4 लाख रुपये की मदद प्रदान की है। सोमवार को गांव के लोगों से मिलने के दौरान स्वच्छ भारत मिशन हरियाणा के कार्यकारी वाइस चेयरमैन सुभाष चंद्र ने कहा कि सरकार बाढ़ में अपनों को खोने वालों का दर्द समझती है। मौके पर रामवीर प्रजापत, आशु राणा व प्रवीण राणा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। ब्यूरो