पंचकूला। अमेरिका भेजने के नाम पर 7.50 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर चंडी मंदिर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक करनाल के दलीप कुमार ने अपने बेटे आशीष राणा को अमेरिका भेजना था। इसी सिलसिले में उनकी पंचकूला के हरप्रीत सिंह से मुलाकात हुई। उसने उनके बेटे को अमेरिका भेजने के नाम पर 35 लाख रुपये मांगे। दलीप कुमार ने कहा कि एक बार उनके बेटे को अमेरिका भेज दो, वह 35 लाख रुपये उसे दे देंगे। 1 मई 2022 को उसने हरप्रीत सिंह को अपने बेटे का पासपोर्ट दिया। 24 मई 2022 को आरोपी ने पीड़ित को फोन कर दिल्ली बुलाया और 24 की देर रात उसकी फ्लाइट होने की बात कही। पीड़ित अपने बेटे के साथ दिल्ली पहुंचा। इसके बाद करीब तीन दिन तक दिल्ली में रहे लेकिन अमेरिका का वीजा नहीं लगने के कारण वापस करनाल आ गया। उसी दौरान आरोपी ने पीड़ित से करीब 24 हजार रुपये भी कागजी कार्रवाई में लेनदेन करने के नाम पर ले लिया। इसके बाद आरोपी ने पांच लाख रुपए मांगे। पीड़ित ने कहा कि वह पहले वीजा दिखाए। इसके बाद ही वह आगे जाने या पैसों की बात करेंगे। इसके बाद पीड़ित ने आरोपी द्वारा भेजे वीजा को अपने जानकारों से चेक कराया तो वह नकली निकला। इसके बाद आरोपी ने 26 अगस्त को 3 से 12 दिसंबर तक का तुर्किये का वीजा बनाकर भेजा और पांच लाख रुपये भी मांगे। इस पर पीड़ित ने कहा कि एक बार मेरा बेटा जब विदेश पहुंच जाएगा तो उसके बाद ही पैसे दूंगा। इस पर आरोपी ने कहा कि अगर पैसा नहीं दोगे तो तुम्हारे बेटे का पासपोर्ट नहीं दूंगा। इसके बाद मजबूरन पीड़ित ने आरोपी को दो किस्तों में चार लाख दिए। साथ ही आरोपी ने पीड़ित को उसके बेटे को विदेश में देने के लिए पांच हजार डॉलर भी देने को कहा। 17 सितंबर 2022 को पीड़ित का बेटा आशीष तुर्किये की फ्लाइट में चढ़ा। वहां एयरपोर्ट वालों ने उसका सामान सहित पूरा पैसा अपने कब्जे में ले लिया। पूछताछ के बाद उसे भारत डिपोट कर दिया। डिपोट की जानकारी पीड़ित ने तुरंत आरोपी को दी। आरोपी पीड़ित के सामने गिड़गिड़ाया और कहा कि वह आशीष को बोल दे कि भारतीय एयरपोर्ट पर वह उसका नाम नहीं ले। ऐसा करेगा तो वह लिया हुआ 7.50 लाख रुपये लौटा देगा। हैरानी की बात है कि करीब आठ माह बीतने के बाद भी आरोपी ने पीड़ित से लिया पैसा वापस नहीं किया। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दी गई।