खाली प्लाटों को कॉमर्शियल में बदलवाने का समय तीन माह और बढ़ाया
करनाल। हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय ने निर्णय लिया है कि नगर निगम सीमा में रहने वाले जिन व्यक्तियों के पास पूर्नवास, टाउन प्लानिंग तथा इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट जैसी स्कीमों के खाली या वाणिज्यिक प्लॉट हैं, उन्हें कॉमर्शियल में कन्वर्ट करवा लें। कन्वर्जन के बाद ऐसे अवैध प्लॉट रेगूलर हो जाएंगे। इसके लिए सरकार ने अगले तीन महीने का समय बढ़ाकर एक और मौका दे दिया है। नगर निगम की आयुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि इन स्कीमों के प्लाटों को कॉमर्शियल में परिवर्तित करने के लिए नगर निगम कार्यालय में आवेदन देना होगा। आवेदन के साथ वाणिज्यिक प्लाट के लिए 11 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर और खाली प्लाट के लिए 10 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर के हिसाब से फीस देनी होगी। बता दें कि रिहेब्लिीटेशन (पूनर्वास) स्कीम के प्लॉट शहर के मॉडल टाउन, राम नगर तथा प्रेम नगर इत्यादि एरिया में पड़ते हैं। इसी प्रकार टाउन प्लानिंग स्कीम के तहत दिन गए प्लॉट दयाल सिंह कॉलोनी, जरनैली कॉलोनी व इसके आस-पास की कॉलोनियों में मौजूद हैं, जबकि इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के प्लॉट न्यायपूरी, बैंक कॉलोनी व इसके आस-पास के एरिया में हैं। उन्होंने बताया कि उपरोक्त के लिए सरकार द्वारा हरियाणा म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन एक्ट 1994 के सैक्शन 398 में दी गई शक्तियों के तहत जो पॉलिसी अनुमोदित की थी, उसके पैरामीटर्स यानि मापदंडों के अनुसार पूर्नवास की सभी स्कीमें तथा 1980 से पहले विकसित की गई इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट व टाऊन प्लानिंग की स्कीमों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि कन्वर्जन के लिए प्लॉट के साथ लगती सड़क की चौड़ाई 12 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। इसके अतिरिक्त प्लॉट मालिक के पास प्लॉट के मालिकाना हक का सबूत व नक्षा भी होना चाहिए। नक्शे की प्रति आवेदन के साथ लगानी होगी। प्लॉट पर यदि दुकान या मकान का स्ट्रक्चर बना हुआ है, तो किसी योग्य स्ट्रक्चरल इंजीनियर से उसका सुरक्षा प्रमाण पत्र भी लेना होगा।