माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नगर निगम आयुक्त अभिषेक मीणा ने शुक्रवार को पीएम स्वनिधि योजना की समीक्षा की। जिसमें पाया गया कि शहरी क्षेत्र के ऋण वितरण के 695 मामले लंबित है। जिस पर कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए बैंक प्रतिनिधियों को जल्द से जल्द लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। स्ट्रीट वैंडरों को ऋण वितरित कर अपनी लंबित मामलों को निपटाने को कहा गया है।
निगमायुक्त ने बताया कि करनाल शहर के ऋण वितरित करने के करीब 695 मामले लंबित पड़े हैं, इन्हें जल्द से जल्द निपटाया जाए। इसके लिए बैंक की ओर से स्ट्रीट वैंडरों को फोन कर बुलाया जाए। उन्होंने नगरीय परियोजना अधिकारी को भी निर्देश दिए कि वह भी सभी स्ट्रीट वैंडरों को फोन कर बैंक में जाने के लिए कहें, ताकि सभी वैंडरों को लोन मुहैया करवाया जा सके। बिना वजह किसी भी स्ट्रीट वैंडर का लोन रद्द न किया जाए और न ही उनका सिबिल स्कॉर आदि चेक किया जाए। यह योजना फुटपाथ विक्रेताओं के लिए है और उन्हें इसका लाभ अवश्य मिलना चाहिए।
निगमायुक्त ने बताया कि करनाल शहरी क्षेत्र 9298 फुटपाथ विक्रेताओं को पीएम स्वनिधि स्कीम के अंतर्गत ऋण देने का लक्ष्य दिया गया था। इस पर नगर निगम की ओर से 12 हजार 398 फुटपाथ विक्रेताओं को लोन देने के लिए अनुमोदित किया गया। अभी तक 7 हजार 850 फुटपाथ विक्रेताओं
का ऋण स्वीकृत किया गया है। इनमें से 6 हजार 956 को 10 हजार रुपये का ऋण मुहैया करवाया जा चुका है।
जिन फुटपाथ विक्रेताओं की ओर से 10 हजार रुपये का ऋण बैंक को चुका दिया गया है, स्कीम के तहत उन्हें 20 हजार तथा 50 हजार रुपये ऋण देने का प्रावधान है। ऐसे एक हजार 522 स्ट्रीट वैंडरों को 20 हजार तथा 597 फुटपाथ विक्रेताओं को 50 हजार रुपये का ऋण मुहैया करवाया जा चुका है। बैठक में उप निगम आयुक्त अशोक कुमार, नगरीय परियोजना अधिकारी प्रवीन चुग, सहायक परियोजना अधिकारी तुषार खन्ना तथा टी.एफ.आई. राजेश भारद्वाज व 26 बैंक प्रबंधक उपस्थित रहे।